डायमंड सिटी के नाम से पहचाने जाने वाले सूरत शहर से एक शर्मनाक और विवादित मामला सामने आया है. कतारगाम वेड रोड इलाके की आनंद पार्क सोसाइटी में वसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था. लेकिन इस धार्मिक कार्यक्रम में भक्ति के बजाय अश्लीलता परोसे जाने के आरोप लग रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.
आरोप है कि पूजा के दौरान स्टेज पर भोजपुरी और हिंदी फ़िल्मों के गानों पर महिलाओं से ठुमके लगवाए गए. कार्यक्रम में मौजूद परिवार, बुजुर्ग और महिलाएं इस दृश्य से असहज और शर्मिंदा हो गईं. खास चिंता इस बात को लेकर जताई जा रही है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी मौजूद थे.
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
कार्यक्रम के दौरान हुए कथित अश्लील डांस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं. वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में इस आयोजन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरस्वती पूजा जैसे पवित्र अवसर पर इस तरह का आयोजन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है.
सोसाइटी के कुछ जागरूक नागरिकों ने इस आयोजन का विरोध किया है और आयोजकों पर धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि भक्ति के नाम पर सार्वजनिक मंच से मर्यादाएं लांघी गईं, जो समाज के लिए गलत संदेश देता है.
कार्रवाई की मांग, प्रशासन पर सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सूरत शहर में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या अब धार्मिक आयोजन केवल मनोरंजन और अश्लीलता का माध्यम बनते जा रहे हैं. लोगों ने मांग की है कि इस तरह सार्वजनिक मर्यादा तोड़ने वाले आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस और प्रशासन पर टिकी है. यह भी चर्चा है कि क्या इस मामले में कानूनी कार्रवाई होगी या फिर इसे नजरअंदाज कर दिया जाएगा. जनता चाहती है कि धर्म के नाम पर अधर्म फैलाने वालों के खिलाफ उदाहरण पेश किया जाए.
देखें वीडियो...
आयोजक ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, सरस्वती पूजा के आयोजक आशीष कुशवाहा ने स्टेज से अश्लील भोजपुरी या फिल्मी गाने बजाए जाने के आरोपों से इनकार किया है. आजतक से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह भक्ति कार्यक्रम था और वहां केवल भक्ति गीत ही बजाए गए थे. उनके अनुसार, कोई भी ऐसा गाना नहीं बजाया गया जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों.
आशीष कुशवाहा ने यह भी कहा कि अगर किसी को लगता है कि पूजा के दौरान ऐसा नहीं होना चाहिए था, तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं और भविष्य में सावधानी बरती जाएगी.
‘सामान्य कार्यक्रम था’– आयोजक
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए आशीष कुशवाहा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में इस तरह के कार्यक्रम आम हैं. उनके अनुसार, जब तक कुछ अश्लील या समाज के लिए गलत नहीं दिखाया जा रहा, तब तक इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य नाच-गाने का कार्यक्रम था.
उन्होंने यह भी बताया कि कार्यक्रम में कुछ मेहमान मौजूद थे, जिनमें एक कॉर्पोरेटर भी शामिल थीं. आयोजक ने दोहराया कि अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वह और उनकी पूरी टीम इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं.
संजय सिंह राठौर