सूरत के अमरोली थाना क्षेत्र में कोसाड आवास के पास बोरे में बंद मिली 55 वर्षीय हमीदा खातून की हत्या की गुत्थी सूरत क्राइम ब्रांच ने कुछ ही घंटों में सुलझा ली. जांच में सामने आया कि मृतका के छोटे बेटे परवेज और उसकी भाभी शबाना (बड़े बेटे की पत्नी) के बीच अवैध प्रेम संबंध थे. घर में पैसों और इन संबंधों को लेकर अक्सर झगड़े होते थे.
पुलिस के अनुसार, सास हमीदा खातून इन संबंधों और पारिवारिक विवादों को लेकर आपत्ति जताती थीं. इसी से नाराज होकर बेटा परवेज, बहू शबाना और शबाना के पिता फिरोज आलम ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची. 10 मार्च को तीनों ने मिलकर हमीदा खातून का गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को घर में ही छिपाकर रखा.
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हत्या के बाद बोरे में भरकर फेंका शव
11 मार्च को आरोपियों ने शव को एक बोरे में बांधा और दोपहर के समय हनुमान मंदिर के पास फेंक दिया. घटना के बाद आरोपी बेटा परवेज खुद अमरोली थाने पहुंचा और अपनी मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. उसने पुलिस को बताया कि उसकी मां बाजार कपड़े लेने गई थी और वापस नहीं लौटी.
मामले की जांच के दौरान पुलिस को उस डोरी से अहम सुराग मिला जिससे शव के हाथ-पैर बांधे गए थे. जब पुलिस ने मृतका के घर की तलाशी ली तो वहां वैसी ही डोरी बरामद हुई. इसके अलावा पूछताछ में परवेज और शबाना के बयानों में विरोधाभास मिलने से पुलिस का शक गहरा गया. सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने हत्या की साजिश और वारदात कबूल कर ली.
बिहार से समधी गिरफ्तार, CCTV बना बड़ा सबूत
पुलिस ने परवेज और शबाना को सूरत से गिरफ्तार कर लिया, जबकि हत्या में शामिल शबाना का पिता फिरोज आलम वारदात के बाद बिहार भाग गया था. सूरत क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस और बिहार एसटीएफ की मदद से उसे पटना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया.
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए फिरोज आलम उसे बोरी में भरकर ले गया था. यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें वह सफेद बोरी में शव को ले जाता दिखाई दे रहा है. सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया के अनुसार, मामले की जांच के बाद तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
संजय सिंह राठौर