सूरत: कंठी उतरवाने पर NEET सेंटर बना रणक्षेत्र! बेटी रोती रही, पिता का फूटा गुस्सा, वीडियो वायरल

सूरत के अमरोली स्थित गौतम स्कूल में NEET परीक्षा के दौरान छात्रा से कंठी माला उतरवाने को लेकर विवाद हो गया. बेटी की कंठी उतरवाने पर पिता भड़क गए और परीक्षा केंद्र पर हंगामा किया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. विवाद बढ़ने पर छात्रा भावुक होकर रोने लगी और अंततः बिना कंठी परीक्षा देने चली गई.

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छात्रा ने कंठी नहीं पहनने का लिया फैसला.(Photo:  Sanjay Singh J Rathod/ITG) छात्रा ने कंठी नहीं पहनने का लिया फैसला.(Photo: Sanjay Singh J Rathod/ITG)

संजय सिंह राठौर

  • सूरत,
  • 03 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:00 PM IST

गुजरात के सूरत में आयोजित NEET परीक्षा के दौरान एक छात्रा की कंठी माला उतरवाने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. रविवार को राज्यभर में 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जो देश के 552 शहरों और 14 अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर आयोजित की गई थी. गुजरात के 31 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़, गांधीनगर, गोधरा और अमरेली प्रमुख थे. अकेले अहमदाबाद और गांधीनगर से करीब 12 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे.

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सूरत के अमरोली इलाके स्थित गौतम स्कूल में आयोजित परीक्षा के दौरान यह विवाद सामने आया. परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा के गले से कंठी माला उतरवाकर प्रवेश देने की बात पर उसके पिता परेश काछड़िया नाराज हो गए. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्रा, उसके पिता और परीक्षा केंद्र पर मौजूद पुलिस व स्टाफ दिखाई दे रहे हैं. छात्रा के पिता का आरोप था कि उनकी बेटी को परीक्षा से पहले धार्मिक प्रतीक उतारने के लिए मजबूर किया गया.

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परीक्षा केंद्र पर हुआ हंगामा

वीडियो में छात्रा के पिता परेश काछड़िया काफी गुस्से में नजर आए. उनका कहना था कि परीक्षा स्टाफ उनकी बेटी की कंठी उतरवाने की बात कर रहा था, जबकि वे ऐसा नहीं चाहते थे. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि देश में हिंदू राष्ट्र का झंडा फहराया जाता है, तो हिंदू बेटी परीक्षा देने जाए और कंठी उतार दे, यह कैसे उचित है. उन्होंने कहा कि हिजाब, बुर्का या टोपी की अनुमति दी जाती है, लेकिन कंठी क्यों नहीं?

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पिता ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को कक्षा से बाहर बुलाकर कंठी पहनाने की कोशिश की, जिससे परीक्षा में देरी होने लगी. इसी दौरान छात्रा ने परीक्षा शुरू होने से पहले कंठी पहनने से इनकार कर दिया. पिता के दबाव और विवाद के कारण छात्रा भावुक हो गई और रोने लगी. मौके पर मौजूद अन्य अभिभावकों ने भी पिता को समझाने की कोशिश की और कहा कि इससे बेटी की परीक्षा प्रभावित हो रही है.

पिता का बयान और विवाद का विस्तार

आक्रोशित पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने उन्हें बताया कि परीक्षा केंद्र पर कंठी उतरवाने के लिए कहा गया. उन्होंने अपने एक दोस्त को फोन कर पूछा कि उसकी बेटी के केंद्र पर भी ऐसा हुआ क्या, जिस पर दोस्त ने मना कर दिया. इसके बाद उन्होंने परीक्षा केंद्र के नियमों पर सवाल उठाए और कहा कि कंठी से कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं हो सकती.

देखें वीडियो...

उन्होंने यह भी कहा कि क्या वे लाहौर, कराची या रावलपिंडी में खड़े हैं, जो उनकी बेटी को कंठी पहनने से रोका जा रहा है. पिता ने आरोप लगाया कि उन्हें मनोवैज्ञानिक तरीके से समझाने की कोशिश की गई कि इससे बेटी के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा और उसे शांत होकर परीक्षा देने दिया जाए. पिता ने इसे अनावश्यक नियमों का पालन बताया.

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छात्रा का फैसला और माहौल शांत

विवाद बढ़ता देख छात्रा ने खुद अपने पिता से कहा कि अब वह कंठी नहीं पहनना चाहती. पिता ने आरोप लगाया कि बाहर मौजूद अभिभावकों ने उन्हें समझाया, लेकिन किसी ने स्कूल प्रबंधन या पुलिस से सवाल नहीं किया कि ऐसे नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी दो साल से तैयारी कर रही थी और उसे कठिन शैक्षणिक प्रश्नों से परखा जाना चाहिए, न कि कंठी उतरवाने जैसे नियमों से रोका जाना चाहिए.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस पूरे मामले ने परीक्षा केंद्रों पर लागू नियमों और धार्मिक प्रतीकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. फिलहाल घटना को लेकर चर्चा जारी है और वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा व्यापक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है.

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