गुजरात: पानी की समस्या से परेशान गांव वालों ने सामूहिक आत्महत्या की दी चेतावनी

राजकोट के हरिपर गांव में पानी की समस्या अब भी पुरानी जैसी ही है. पिछले 20 सालों से पानी की किल्लत को लेकर इस गांव के लोग परेशान हैं. गांव वालों ने कलेक्टर को चेतावनी दी है कि अगर पानी मुहैया नहीं कराया गया तो पूरा गांव कचहरी पर जाकर सामूहिक आत्महत्या कर लेगा.

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गांव वालों ने दी सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी गांव वालों ने दी सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी

गोपी घांघर

  • राजकोट, गुजरात,
  • 22 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 1:21 AM IST

गुजरात के राजकोट में जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना पहला चुनाव जीता था, वह अब पानी की समस्या से जूझ रहा है. नरेंद्र मोदी यहां से ही चुनाव जीत कर गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे.

राजकोट के हरिपर गांव में पानी की समस्या अब भी पुरानी जैसी ही है. पिछले 20 सालों से पानी की किल्लत को लेकर इस गांव के लोग परेशान हैं. गांव वालों ने कलेक्टर को चेतावनी दी है कि अगर पानी मुहैया नहीं कराया गया तो पूरा गांव कचहरी पर जाकर सामूहिक आत्महत्या कर लेगा.

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इसी गांव के सरपंच रजाक ठेबा का कहना है कि पिछले 1 महीने से पानी नहीं आया है, और जो पानी बाहर से आता है वो काफी महंगा हो गया है. उन्हें हर रोज एक टैंकर के लिए 3000 रुपए चुकाना पड़ता है. उन्होंने बताया कि सरकारी टंकी में पानी नहीं आता है, यही कारण है कि जानवरों के लिए पानी में भी दिक्कतें हो रही हैं.

उन्होंने बताया कि यहां पर पानी के लाइन तो डाली गई लेकिन उनके गांव का नंबर सबसे आखिर में आता है. यही कारण है कि महीनों में कभी-कभी पानी आ पाता है. यहां के तहत पानी पहुंचाने की बात कही गई थी, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शो भी किया था. लेकिन वो बात अभी तक पूरी नहीं हो पाई है.

गांव में पीने के पानी के लिए महिलाओं की लंबी कतारें लगती हैं. गांव वालों का कहना है कि नेता लोग वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन पानी की समस्या सुनने के लिए कोई भी नहीं आता है.

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