विदेश घूमने के लिए रची लाखों की चोरी की साजिश, अहमदाबाद पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, दो फरार

अहमदाबाद में विदेश घूमने और मौज-मस्ती के लिए चार दोस्तों ने लाखों रुपये के गहने चोरी करने की साजिश रची. अंगड़िया फर्म का कर्मचारी जिगरसिंह विहोल गहने लेकर फरार हो गया. पुलिस ने सूचना के आधार पर अजय ठाकोर और दीपक रावल को गिरफ्तार कर 80 लाख रुपये के गहने बरामद किए हैं. मामले के मुख्य आरोपी जिगरसिंह और विपुल ठाकोर अभी फरार है.

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80 लाख के गहने बरामद.(Photo: Screengrab) 80 लाख के गहने बरामद.(Photo: Screengrab)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST

अहमदाबाद से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां चार दोस्तों ने विदेश घूमने और मौज-मस्ती के लिए लाखों रुपये के गहने चोरी करने की साजिश रची. हालांकि, उनकी यह योजना सफल हो पाती, उससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 80 लाख रुपये के गहने भी बरामद किए हैं. मामले के दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं.

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पुलिस के अनुसार, शहर के रतनपोल स्थित एक अंगड़िया फर्म में काम करने वाला कर्मचारी जिगरसिंह विहोल 6 मई को लाखों रुपये के गहने लेकर फरार हो गया था. घटना सामने आने के बाद फर्म की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में जुट गई.

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जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक चोरी किए गए कीमती गहनों को बेचने के लिए अहमदाबाद पहुंचे हैं. सूचना मिलते ही डीसीपी जोन-3 की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए अजय ठाकोर और दीपक रावल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने दोनों के पास से चोरी के सभी गहने जब्त कर लिए.

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चोरी के बाद गांव में छिपाया गया था माल

पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसीपी हिरेन्द्र चौधरी ने बताया कि जिगरसिंह चोरी का सारा माल लेकर सुनवाला गांव स्थित दीपक के घर पहुंचा था. वहां पहले से अजय ठाकोर, दीपक रावल और विपुल ठाकोर मौजूद थे. इसके बाद जिगरसिंह ने चोरी किए गए सभी आभूषण अजय और दीपक को सौंप दिए और खुद फरार हो गया.

पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरी के आभूषण बेचकर रकम जुटाने की जिम्मेदारी अजय और दीपक को दी गई थी. आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे और आसपास के गांवों में रहने के कारण लगातार संपर्क में थे. पुलिस को यह भी पता चला है कि अंगड़िया फर्म में जिगरसिंह को नौकरी पर लगवाने वाला व्यक्ति विपुल ठाकोर ही था.

विदेश यात्रा और मौज-मस्ती के लिए रची गई साजिश

जांच में यह भी सामने आया है कि विपुल ठाकोर पहले खुद भी अंगड़िया फर्म में काम कर चुका था. प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपियों को विदेश यात्रा और मौज-मस्ती के लिए पैसों की जरूरत थी, जिसके चलते उन्होंने इस चोरी की साजिश रची. पुलिस को जानकारी मिली है कि गिरफ्तार आरोपी पहले सिंगापुर की यात्रा पर भी जा चुके हैं.

फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है. वहीं मामले के मुख्य साजिशकर्ता जिगरसिंह विहोल और विपुल ठाकोर की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.

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