Instagram, fb के जरिए चल रहे एस्कॉर्ट सर्विस रैकेट का भंडाफोड़, AI का हो रहा था इस्तेमाल

अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 120 इंस्टाग्राम हैंडल्स, फेसबुक पेज और वेबसाइट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि AI और मॉर्फिंग के जरिए महिलाओं की न्यूड फोटो का इस्तेमाल कर ग्राहकों को फंसाकर ऑनलाइन ठगी की जा रही थी. पुलिस ने लोगों से ऐसे फर्जी अकाउंट्स से सावधान रहने की अपील की है.

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 एस्कॉर्ट सर्विस रैकेट का भंडाफोड़. (Photo: Representational) एस्कॉर्ट सर्विस रैकेट का भंडाफोड़. (Photo: Representational)

अतुल तिवारी

  • अहमदाबाद,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:59 PM IST

गुजरात के बाद अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच ने बड़े ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस रैकेट का खुलासा करते हुए करीब 120 इंस्टाग्राम हैंडल्स, फेसबुक पेज और विभिन्न वेबसाइट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को फंसाकर ऑनलाइन फ्रॉड किया जा रहा था और महिलाओं की न्यूड फोटो और वीडियो का इस्तेमाल किया जा रहा था.

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120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

पुलिस जांच में सामने आया कि इन अकाउंट्स पर अश्लील फोटो और वीडियो अपलोड किए जाते थे. कई मामलों में महिलाओं की फोटो को मॉर्फ करके न्यूड फोटो तैयार किए जाते थे. इसके जरिए ग्राहकों को आकर्षित किया जाता था और फिर प्रति घंटे या नाइट स्टे के नाम पर पैसे मांगे जाते थे.

क्राइम ब्रांच के अनुसार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और डिजिटल सर्विलांस के दौरान पता चला कि कई अकाउंट पूरी तरह फर्जी थे. इन अकाउंट्स में AI तकनीक का इस्तेमाल कर महिलाओं की अश्लील फोटो बनाई जाती थी. ग्राहकों से संपर्क करने के बाद उन्हें UPI आईडी और मोबाइल नंबर के जरिए पेमेंट करने को कहा जाता था और फिर उनके साथ ऑनलाइन ठगी की जाती थी.

न्यूड फोटो और AI मॉर्फिंग से ग्राहकों को फंसाता था गैंग

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पुलिस ने इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79, 296, 318(4), इम्मोरल ट्रैफिक एक्ट की धारा 8 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एफआईआर दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ धोखाधड़ी का नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने से भी जुड़ा है.जांच एजेंसियों ने मामले को संवेदनशील श्रेणी में रखा है, ताकि पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखी जा सके और डिजिटल सबूतों को नुकसान न पहुंचाया जा सके.

क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि ऐसे संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट से दूर रहें. बिना वेरिफाइड UPI आईडी पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें क्योंकि इससे वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है. फिलहाल पुलिस इस रैकेट से जुड़े लोगों और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है और आगे की जांच जारी है.

 

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