अहमदाबाद के मोटेरा में स्थित आसाराम आश्रम द्वारा अहमदाबाद नगर निगम में की गई इंपैक्ट फीस की एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दी गई है. जिसके साथ ही आसाराम आश्रम परिसर में सरकारी जमीन पर बनाए गए 32 जितने गैरकानूनी स्ट्रक्चर को जल्द ही तोड़े जाने की संभावना प्रबल हो चुकी है. इसके साथ ही पहले से ही प्रस्तावित स्पोर्ट्स संकुल फेज 2 के कामकाज को तेज गति से आगे बढ़ाने का रास्ता आसान हो जाएगा.
इस फैसले के बाद अब इन गैरकानूनी निर्माणों को ढहाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा विजन है. अहमदाबाद में 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारी चल रही है.
मोटेरा के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास स्पोर्ट्स संकुल के फेज-2 का विकास होना है. आसाराम आश्रम द्वारा किया गया यह अवैध कब्जा इस विकास कार्य में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था. अर्जी खारिज होने के बाद अब स्पोर्ट्स सेंटर के काम में तेजी आएगी.
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नगर निगम की लीगल कमेटी के चेयरमैन प्रकाश गुर्जर ने स्पष्ट किया कि आश्रम के अंदर के ये 32 स्ट्रक्चर सरकारी जमीन पर बने हैं. नियम के मुताबिक, सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को 'इम्पैक्ट फीस' लेकर नियमित नहीं किया जा सकता.
निगम ने पहले ही धारा 260(2) के तहत नोटिस देकर इन निर्माणों को हटाने का निर्देश दिया था. हालांकि मामला अभी अपीलीय अथॉरिटी में लंबित है, लेकिन निगम ने विशेष वकील नियुक्त कर इन अर्जियों का जल्द निपटारा करने के आदेश दिए हैं ताकि बुलडोजर कार्रवाई जल्द शुरू की जा सके.
अतुल तिवारी