आम आदमी पार्टी के भीतर सियासी हलचल उस समय तेज हो गई जब पार्टी के एक धड़े ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए. आरोप है कि राघव चड्ढा केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खुलकर बोलने से बचते रहे हैं और कई अहम मुद्दों पर चुप्पी साधी है. इसको लेकर दिल्ली की पूर्व सीएम और पार्टी नेता आतिशी मार्लेना ने भी यह सवाल उठाया कि उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया और एलपीजी संकट जैसे बड़े मुद्दे को संसद में नहीं उठाया. इन आरोपों के बीच पार्टी ने यह भी कहा कि राघव को पहले “benefit of doubt” दिया गया था, लेकिन अब उनके रुख पर सवाल खड़े हो रहे हैं.