हर डिलीवरी पर 10 हजार, इन शातिर महिलाओं ने दिल्ली में दो सालों में बेच डाले 200 पिस्टल

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो ऐसी महिलाओं को गिरफ्तार किया है जो शहर में हथियार सप्लाई करने का काम करती थीं. ये दोनों महिलाएं दो सालों में 200 से ज्यादा पिस्टल बदमाशों को बेच चुकी हैं. दोनों आरोपी महिलाएं मध्य प्रदेश के खरगोन से हथियार लाती थीं और अपने हैंडलर के आदेश पर इसे बदमाशों तक पहुंचाती थीं, इसके एवज में उन्हें हर डिलीवरी पर 10 हजार रुपये मिलते थे.

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यह सांकेतिक तस्वीर है यह सांकेतिक तस्वीर है

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

दिल्ली में अंतरराज्यीय हथियार तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने अच्छी क्वालिटी के 10 पिस्टल के साथ दो महिला तस्करों चंचल और विकांशा को गिरफ्तार किया है. बरामद हथियार मध्य प्रदेश के खरगोन में हथियार निर्माण से जुड़े लोगों से खरीदा गया था और इसे दिल्ली एनसीआर में सप्लाई किया जाना था.

स्पेशल सेल की एक टीम ने दो महिला हथियार तस्करों चंचल (उम्र- 32 वर्ष) और विकांशा (उम्र- 23 वर्ष) को पकड़ा है. दोनों यूपी के बुलंदशहर की रहने वाली हैं. गिरफ्तार दोनों महिलाओं के पास से 10 पिस्टल यानी (5 पिस्टल .32 बोर और 5 सिंगल शॉट पिस्टल) बरामद की गई हैं. 

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सूरजकुंड रोड से पकड़ी गईं दोनों महिलाएं

दरअसल 1 अक्टूबर, 2023 को स्पेशल सेल को विशेष जानकारी मिली थी कि सिंडिकेट की दो महिला सदस्य चंचल और विकांशा ने खरगोन, एमपी से पिस्टल की एक खेप खरीदी थी. यह भी बताया गया था कि वो ये हथियार देने के लिए 1 अक्टूबर, 2023 को रात 9 बजे से 10 बजे के बीच दिल्ली में सूरजकुंड रोड के चौराहे पर अपने एक संपर्क के आदमी से मिलने जा रही थी.

इसके बाद इंस्पेक्टर शिव कुमार के नेतृत्व में एक टीम तैयारी की गई और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उस स्थान पर जाल बिछाया गया. रात करीब 09:40 बजे चंचल और विकांशा को एमबी रोड-सूरजकुंड रोड के चौराहे के पास हाथों में बैग ले जाते हुए देखा गया. 

पुलिस टीम की महिला सदस्यों ने उन्हें घेर कर पकड़ लिया. तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 10 अच्छी क्वालिटी की बंदूक (32 बोर की 05 पिस्तौल और .315 बोर की 05 सिंगल-शॉट पिस्तौल) बरामद की गईं. इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट की कई धाराओं में केस दर्ज किया है.

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जब दोनों महिलाओं से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें हथियारों की ये खेप खरगोन में मिली थी और इसे दिल्ली/एनसीआर में गैंगस्टरों और दुर्दांत अपराधियों तक पहुंचाना था. दोनों ने यह भी खुलासा किया है कि वे मथुरा के रहने वाले सोनू चौधरी के लिए काम कर रहे थे, जिसने उन्हें मध्य प्रदेश हथियार लेने के लिए भेजा था. इन महिलाओं को ये हथियार सोनू चौधरी के निर्देश पर दिल्ली में एक व्यक्ति को सप्लाई करना था.

हर डिलीवरी पर मिलते थे 10 हजार रुपये

पकड़ी गई दोनों महिलाओं ने बताया कि उन्हें हथियार की सुरक्षित डिलिवरी करने पर हर बार 10 हजार रुपये मिलते थे. दोनों ने बताया कि पिछले दो सालों से एमपी से दिल्ली और यूपी में वो हथियारों की सप्लाई कर रही थीं. इस अवधि के दौरान दिल्ली में वो 200 से अधिक पिस्टल बदमाशों तक पहुंचा चुकी हैं.

पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि चंचल की बहन की आपराधिक पृष्ठभूमि है, और उसे पहले भी छत्तीसगढ़ में साल 2018 में 25 किलोग्राम गांजा रखने के लिए एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था. दोनों महिला आरोपियों का हैंडलर सोनू चौधरी विकांशा का मामा है. उन्होंने खुलासा किया है कि सोनू चौधरी पहले भी हत्या और एनडीपीएस एक्ट समेत कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है.

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