जामिया नगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ उपेंद्र सिंह का तबादला कर दिया गया है. इस संबध में उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक खत लिखा था और अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए उनसे ट्रांसफर करने की मांग की थी. हालांकि कुछ लोग इसे जामिया हिंसा से जोड़कर देख रहे हैं लेकिन सीनियर अफसरों का कहना है कि इससे उनके तबादले का कोई लेना-देना नहीं है.
उपेंद्र सिंह की वह चिट्ठी आजतक को मिली है जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से अपने तबादले को लेकर आवेदन किया है. खत में उन्होंने लिखा है, 'मैं पिछले डेढ़ सालों से जामिया नगर थाने पर बतौर एसएचओ कार्यरत हूं. इस दौरान मैं पूरे समर्पण और त्याग के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता रहा हूं. हाल के दिनों में मुझे मुश्किल हालात से भी गुजरना पड़ा था लेकिन अपनी पर्सनल परेशानियों को दरकिनार करते हुए मैंने पूर्ण समर्पण के साथ डिपार्टमेंट के उम्मीद के मुताबिक काम किया.'
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उपेंद्र सिंह ने खत में आगे अपनी पारिवारिक परेशानियों का जिक्र करते हुए लिखा है, 'मेरा बेटा दसवीं क्लास का छात्र है. बोर्ड एग्जाम को देखते हुए उसे मेरी जरूरत है. मेरी पत्नी की तबीयत भी खराब रहती है, उसे मेरे देखभाल की जरूरत है. इतना ही नहीं मेरे माता-पिता की उम्र 90 साल है और इस उम्र में उन्हें मेरी सबसे अधिक जरूरत है ताकि मैं उनकी देखभाल कर सकूं.'
पहले के आवेदन का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा, 'मैंने पहले भी आवेदन कर जामिया नगर थाने से तबादले की मांग की थी. मेरे घर के हालात अब बेहद खराब हो चुके हैं, मेरी पत्नी डिप्रेशन में चली गई है. मैंने पूर्व पुलिस कमिश्नर अमुल्य पटनायक को भी तीन बार खत लिखकर तबादला कराने की मांग की थी.'
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उपेंद्र सिंह ने अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि वह पिछले तीन महीनों से लगातार काम कर रहे हैं. इस वजह से मेरी तबीयत खराब हो गई थी. 26 फरवरी को मुझे ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी कुछ परेशानी हुई थी जिसके बाद मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था. पांच दिनों तक मैं अस्पताल में भर्ती रहा. दो मार्च को मुझे डिस्चार्ज किया गया. डॉक्टर ने मुझे 10 दिनों की बेड रेस्ट की हिदायत दी है. जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है.
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