एमसीडी चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है और चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं. अलग-अलग वोटरों को लुभाने के लिए उनके बीच लोकप्रिय चेहरे उतारने का दांव चल पड़ा है. बुधवार सुबह शशि थरूर दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश के एक पार्क में पहुंचे और वहां वॉक करने आए लोगों से एमसीडी के विषय पर चर्चा की.
शशि थरूर ने की शिक्षा व्यवस्था पर बात
लोगों से बातचीत में थरूर का जोर शिक्षा व्यवस्था पर सबसे ज्यादा था. एमसीडी में शिक्षा की हालत खराब बताते हुए थरूर ने कहा कि दिल्ली में एमसीडी की शिक्षा व्यवस्था खराब है साथ ही कहा कि एमसीडी में
ड्रॉपआउट रेट बहुत ज्यादा है. दो साल में पचास हजार बच्चों ने स्कूल छोड़ा है.
लोगों के सवाल पर थरूर के जवाब
वहीं कई लोगों ने थरूर से इसी मसले पर सवाल भी पूछे. किसी ने मिड डे मील की क्वालिटी पर सवाल किया तो कुछ ने बच्चों को मिल रहे खराब पानी पर सवाल उठाया. सवालों का जवाब देते हुए थरूर ने कहा कि
कांग्रेस को एमसीडी में लाओ सब सही कर देंगे.
ड्राफ्टआउट रोकने के लिए एफडी तक का प्रस्ताव
थरूर ने कहा कि दिल्ली में एमसीडी की शिक्षा व्यवस्था खराब है. साथ ही कहा कि एमसीडी में ड्रॉपआउट रेट बहुत ज्यादा है, महज दो साल में पचास हजार बच्चों ने स्कूल छोड़ा है. कांग्रेस नेता शर्मिला मुखर्जी ने सुझाव
दिया कि एमसीडी स्कूली बच्चों के लिए फिक्स डिपोजिट कर सकती है. वहीं एक सुझाव ये भी आया कि बच्चों का हेल्थ इंश्योरेंस भी करा दिया जाए.
एमसीडी चुनाव में प्रचार के अनोखे अंदाज
एमसीडी चुनाव के लिए अब कैंपेन जोरों पर चल रहा है, लेकिन इस बार उम्मीदवारों का प्रचार करने का तरीका पहले से थोड़ा अलग है. विजय विहार वार्ड से के उम्मीदवार सुरेंद्र सोलंकी रोज सुबह से
ही वार्ड में प्रचार के लिए निकल पड़ते हैं. उनके प्रचार का तरीका दूसरों से थोड़ा हट कर है. सोलंकी पदयात्रा पर जब निकलते है तो आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता बकायदा उनके साथ-साथ झाड़ू लगाते हुए चलते हैं. सोलंकी
के मुताबिक पदयात्रा के साथ-साथ वो आम आदमी पार्टी के 'दिल्ली साफ' के नारे को लोगों तक पहुंचाने के लिए इस तरह से चुनाव प्रचार कर रहे हैं.
गौरतलब है कि जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं. राजनीतिक पार्टियों की आपसी उठापटक बढ़ती जा रही है. लोगों को रिझाने के लिए पार्टियों की तरफ से अलग-अलग स्टंट्स किए जा रहे हैं. दिल्ली में 23 अप्रैल को नगर निगम चुनाव होने हैं.
अंकित यादव