दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के छह सदस्यों का चुनाव 6 जनवरी को होना था. लेकिन इस चुनाव से पहले ही सदन में हंगामा हो गया. आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सदस्यों के बीच जमकर लात-घूसे चले और एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकी गईं. पार्षदों ने नगर निगम में तोड़फोड़ भी की.
इस नुकसान की एक रिपोर्ट तैयार की गई है जो कि अब दिल्ली के उपराज्यपाल को भेजी जाएगी. साथ ही दिल्ली के कमिश्नर ज्ञानेश भारती भी सदन के अंदर हुई तोड़-फोड़ और नुकसान की एक रिपोर्ट एलजी को सौंपेंगे.
तैयार हुई ड्राफ्ट रिपोर्ट
बता दें कि पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने दिल्ली नगर निगम हंगामे की ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे एलजी को भेजा जाएगा. रिपोर्ट में पीठासीन अधिकारी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और खासतौर पर सदन के अंदर सुरक्षा का मुद्दा उठाया है. ऐसे में आने वाली बैठक के लिए सुरक्षा का पहलू प्रमुखता से उठाया है.
कितना हुआ नुकसान?
आपको बता दें कि दिल्ली नगर निगम सदन में हुए हंगामे की रिपोर्ट दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर ज्ञानेश भारती उपराज्यपाल को देंगे. इसके लिए आंतरिक एसेसमेंट हो रहा है कि सदन के अंदर किन चीजों को नुकसान पहुंचा है और नुकसान की भरपाई के लिए भी कमिश्नर एलजी से मांग कर सकते हैं.
शपथ पूरी होने से पहले ही हो गया हंगामा
गौरतलब है कि सदन में हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने मनोनित चार पार्षदों विनोद कुमार, लक्ष्मण आर्य, मुकेश कुमार और सुमित चौहान को शपथ तो दिला दी थी लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी थी. हंगामे के कारण इनके सिग्नेचर नहीं हो सके थे. शपथ पूरी नहीं हो सकी थी, इसलिए इन पार्षदों को अभी अधिकार नहीं मिले हैं.
राम किंकर सिंह