पुलिस अपने काम के दौरान कितनी मुस्तैद रहती है. इसका जीता जागता उदाहरण उत्तर पश्चिमी जिले के जहांगीरपुरी इलाके में देखने को मिला. यहां पुलिस एक बदमाश को नाबालिग समझकर उसका बोन टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल लेकर आई. लेकिन बदमाश धोखा देकर फरार हो गया.
बदमाश ने टेस्ट के दौरान एक सब इंस्पेक्टर और डॉक्टर को कमरे में बंद कर दिया और फरार हो गया. घटना बाबू जगजीवन राम अस्पताल में हुई. फिलहाल जहांगीरपुरी थाना पुलिस केस दर्ज कर आरोपी की तलाश कर रही है.
रेप के मामले में हुआ था गिरफ्तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार भारत नगर इलाके में जनवरी माह में एक बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था. इस मामले में भारत नगर थाना पुलिस ने मार्च माह में आरोपी को बिहार के खगड़ियां से दबोचा. पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया और चार्जशीट भी दाखिल कर दी. लेकिन पुलिस को आरोपी के पास से कोई कागजात नहीं मिला जिससे यह पता लग पाए कि आरोपी बालिग है या फिर नाबालिग.
बोन टेस्ट के बाद हुआ फरार
पुलिस ने आरोपी को किंग्सवे कैंप स्थित सेवा कुटिर में रखा और कोर्ट से उसके बोन टेस्ट की इजाजत मांगी. छह जून को अदालत ने आरोपी का बोन टेस्ट करवाने की
इजाजत दे दी. पुलिस को बाबू जगजीवनराम अस्पताल से आरोपी का टेस्ट करने की 10 जून मिली. भारत नगर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर सचिन और एएसआई
पार्वती आरोपी को सेवा कुटिर से लेकर अस्पताल पहुंचे. जहां आरोपी का बोन ऐज टेस्ट किया गया. उसके बाद दोनों पुलिसकर्मी आरोपी को लेकर शवगृह के डॉक्टर अंशुल
के कमरे में गए. जहां पुलिसकर्मी डॉक्टर से बातचीत कर रहे थे. अचानक आरोपी ने सब इंस्पेक्टर को धक्का दिया और हाथ छुड़ाकर कमरे से बाहर निकल गया.
आरोपी ने कमरे की बाहर से कुंडी लगाई और फरार हो गया. डॉक्टर अंशुल ने अपने कर्मचारी को फोन करके दरवाजा खुलवाया. लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था. काफी तलाश के बाद जब आरोपी नहीं मिला तो पुलिसकर्मियों ने जहांगीरपुरी थाने में आरोपी के भागने की शिकायत दर्ज करवाई.
सना जैदी / अरविंद ओझा