राजीव गांधी पर रार: AAP के यूटर्न पर बीजेपी पोस्टर वार

Rajiv Gandhi Bharat Ratna Sikh Riot भाजपा प्रवक्ता तजिंदर बग्गा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सिख शहीदों का अपमान करने का आरोप लगाया है. साथ ही राष्ट्रपति को पत्र लिखकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग की.

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तजिंदर बग्गा की ओर से लगाए गए पोस्टर (फोटो-aajtak) तजिंदर बग्गा की ओर से लगाए गए पोस्टर (फोटो-aajtak)

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 23 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 9:20 AM IST

दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी के भारत रत्न वापसी पर प्रस्ताव पारित किए जाने पर सियासत शुरू हो गई है. आम आदमी पार्टी के यू टर्न के बाद बीजेपी ने राजनीतिक लाभ कमाने के लिए मोर्चा खोल दिया है. अब पोस्टरवार शुरू हो चुकी है. भाजपा प्रवक्ता तजिंदर बग्गा ने केजरीवाल के ख़िलाफ़ पोस्टर जारी कर दिया है. बग्गा ने केजरीवाल के ऊपर सिख शहीदों का अपमान करने का आरोप लगाया है.

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दिल्ली प्रवक्ता तजिंदर ने ट्वीट किया भी किया, ट्वीट में लिखा "बेशक @ArvindKejriwal ने 1984 सिख शहीदों का अपमान करते हुए **** राजीव गांधी की भारत रत्न वापसी पर अपना प्रस्ताव वापिस ले लिया हो लेकिन ये लड़ाई अब मैं लड़ूंगा. मैंने आदरणीय@rashtrapatibhvn जी को एक पत्र लिखा है और इसमें आप सबका साथ चाहिए.'

उन्होंने आगे लिखा कि कांग्रेस के कई और नाम भी इसमें शामिल हैं, जिनके खिलाफ सबूत भी हैं. राजीव गांधी ने खुद इस नरसंहार को जायज़ ठहराते हुए कहा कि "जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है, लेकिन आज तक किसी अदालत ने राजीव गांधी की तरफ कोई बयान नही दिया था, लेकिन 17 दिसंबर का दिन ऐतिहासिक था. सज्जन कुमार के मामले में न बल्कि माननीय उच्च न्यायालय ने सज्जन कुमार को सजा सुनाई बल्कि राजीव गांधी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस नरसंहार में राजनीतिक सरक्षंण हासिल था जिसके कारण ये हत्याएं हुई.

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बग्गा ने केजरीवाल के खिलाफ पोस्टर आईटीओ, बीजेपी ऑफिस के करीब और कनॉट प्लेस स्थित गुरूद्वारे के करीब लगाए हैं. इसके साथ ही बग्गा ने ऑनलाइन पिटिशन भी शुरू करते हुए राष्ट्रपति से राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग की है.

बता दें, आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने एक ट्वीट करके दिल्ली विधानसभा में पूर्व राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव पारित होने जिक्र किया था. हालांकि, बाद में पूरी पार्टी इस प्रस्ताव के पारित होने की बात से पलट गई थी और कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ था. दूसरी तरफ विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल और प्रस्ताव पेश करने वाले विधायक जरनैल सिंह ने भी इस मसले पर सफाई दी थी. जरनैल सिंह ने कहा था कि मूल प्रस्ताव में राजीव गांधी का जिक्र नहीं था, उन्होंने भावुक होते हुए व्यक्तिगत तौर पर उनका नाम पढ़ा. जबकि विधानसभा स्पीकर ने कहा था कि जो प्रस्ताव पास हुआ है, उसमें राजीव गांधी का भारत रत्न अवॉर्ड वापस लेने का जिक्र नहीं है.

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