NCB की कस्टडी में दिखा मोहम्मद सलीम डोला, दिल्ली एयरपोर्ट से सामने आया वीडियो

दिल्ली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कस्टडी में कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला का वीडियो सामने आया है. तुर्किये से भारत लाए गए डोला को सोमवार सुबह IGI एयरपोर्ट पर NCB ने अपने कब्जे में लिया. ऑपरेशन ग्लोबल-हंट के तहत हुई इस कार्रवाई को एजेंसियों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.

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NCB की गिरफ्त में कुख्यात तस्कर सलीम डोला (Photo: Screengrab) NCB की गिरफ्त में कुख्यात तस्कर सलीम डोला (Photo: Screengrab)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली ,
  • 28 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है. इस कार्रवाई को ऑपरेशन ग्लोबल-हंट के तहत अंजाम दिया गया. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंप दिया है. अब उसे मुंबई की संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा.

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सोमवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही NCB ने उसे अपनी कस्टडी में ले लिया. मोहम्मद सलीम डोला, जो मुंबई का रहने वाला 59 वर्षीय आरोपी है, लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की पकड़ से बाहर था. उसके खिलाफ भारत में कई ड्रग तस्करी के मामले दर्ज हैं और वह फरार चल रहा था. मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा उसके खिलाफ रेड नोटिस भी जारी किया गया था.

गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि यह मोदी सरकार की नार्को सिंडिकेट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि अब ड्रग माफियाओं के लिए दुनिया में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय एजेंसियों ने वैश्विक नेटवर्क के जरिए अपनी पहुंच सीमाओं के पार तक बढ़ा ली है. 

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तुर्किये से भारत लाया गया कुख्यात ड्रग तस्कर

जानकारी के अनुसार, NCB ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर यह ऑपरेशन सफल किया. तुर्किये की एजेंसियों और इंटरपोल के सहयोग से डोला को भारत लाया गया. यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय का एक उदाहरण मानी जा रही है. मोहम्मद सलीम डोला पिछले दो दशकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था. उसने मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में फैला एक बड़ा तस्करी नेटवर्क खड़ा किया था. जांच एजेंसियों के मुताबिक वह भारत में ड्रग सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का हिस्सा था और यहां तक कि वह थोक सप्लायर के रूप में काम करता था.

उसके खिलाफ महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मंद्रैक्स और मेथामफेटामाइन जैसे मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं. इन मामलों में कई बार बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी भी हुई है, जिनमें डोला की भूमिका सामने आई थी. डोला की तलाश लंबे समय से की जा रही थी. वह भारतीय एजेंसियों से बचकर विदेश में छिपा हुआ था. ATS गुजरात और मुंबई पुलिस भी उसे अलग-अलग मामलों में तलाश रही थी. इससे पहले साल 2025 में उसके बेटे ताहिल सलीम डोला और अन्य सहयोगियों को यूएई से डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कर मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

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NCB की इस कार्रवाई को केंद्र सरकार की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सभी नार्कोटिक्स अपराधियों और सिंडिकेट से जुड़े लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न छिपे हों. इस पूरे ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भारत की साझेदारी और समन्वय की अहम भूमिका रही. यह दिखाता है कि अब भारतीय जांच एजेंसियां सीमाओं के पार जाकर भी अपराधियों तक पहुंच बना रही हैं.

एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई से मिली बड़ी सफलता

फिलहाल मोहम्मद सलीम डोला को दिल्ली में NCB की कस्टडी में रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.  जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं. यह कार्रवाई देश में ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है और यह संदेश देती है कि कानून से बच पाना अब मुश्किल होता जा रहा है.

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