दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा दिनभर चले नाटकीय घटनाक्रम के करीब 16 घंटे बाद घर पहुंच गए हैं. बग्गा के वकील संकेत गुप्ता ने कहा कि बग्गा को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया और उनके शरीर में दो जगह चोटों के निशान पाए गए हैं. कोर्ट ने बग्गा और उनके पिता को सुरक्षा मुहैया कराए जाने के आदेश दिए हैं.
बग्गा के वकील संकेत गुप्ता ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 97 के तहत आवेदन दिया था कि अवैध हिरासत का मामला है और हम पीड़ित की तलाशी लेना चाहते हैं. दिल्ली पुलिस ने बग्गा की तलाशी ली गई. सीआरपीसी की धारा 97 में जरूरी है कि पीड़ित को संबंधित कोर्ट में पेश किया जाए. यदि संबंधित कोर्ट उपलब्ध नहीं है तो पीड़ित को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए.
सोमवार को बग्गा के बयान दर्ज होंगे
बग्गा ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट को बताया कि घटना के दौरान उनकी पीठ और कंधे में दो चोटें आई हैं. बग्गा ने आशंका भी जताई कि इस तरह की घटना दोबारा हो सकती है. ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने एसएचओ से कहा कि पीड़ित और शिकायतकर्ता (बग्गा के पिता) को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए. अब बग्गा सोमवार को संबंधित द्वारिका कोर्ट के सामने बयान देंगे. उन्होंने कहा कि इस मामले में पंजाब पुलिस का कोई अधिकार नहीं था.
केजरीवाल ने दुर्योधन के रूप में षडयंत्र किया है
रिहा होने के बाद बग्गा घर पहुंचे. यहां उन्होंने कहा कि ये लड़ाई लड़ता रहूंगा. आवाज उठाना बंद नहीं करूंगा. अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछते रहेंगे. उन्होंने कहा कि मैंने जारी किए गए सभी समन का जवाब पहले ही दे दिया है. वहीं दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि आज तेजिंदर पाल बग्गा की घर वापसी है. केजरीवाल ने पंजाब पुलिस का गलत इस्तेमाल किया है. बग्गा ने कोई अपराध नहीं किया है. सड़क से संघर्ष की लड़ाई जारी है. केजरीवाल ने दुर्योधन के रूप में षड्यंत्र रचा है.
बग्गा को पंजाब पुलिस ने सुबह हिरासत में लिया था
1 अप्रैल, 2022 को पंजाब की मोहाली पुलिस ने बग्गा पर एक केस दर्ज किया. आरोप है कि बग्गा धर्म, जाति और स्थान के आधार पर समाज में नफरत और अफवाह फैला रहे हैं. ये शिकायत आम आदमी पार्टी के नेता सनी सिंह ने दर्ज कराई थी. महीनेभर बाद 6 मई की सुबह 7 बजे मोहाली पुलिस बग्गा को अरेस्ट करने के इरादे से सीधे दिल्ली पहुंची.
दिल्ली पुलिस की सूचना पर हरियाणा में रोका गया
पंजाब पुलिस बग्गा के जनकपुरी स्थित घर पहुंची. यहां बग्गा अरेस्ट कर लिया गया. हालांकि, घरवालों ने अचानक हुई गिरफ्तारी का विरोध किया और आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की. दोपहर में परिजन ने दिल्ली के जनकपुरी पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई. इस पर दिल्ली पुलिस फौरन हरकत में आई और हरियाणा पुलिस से कार सवारों को रोकने के संबंध में जानकारी दी.
पंजाब पुलिस बोली- पांच-पांच नोटिस दिए, पेश नहीं हुए बग्गा
हरियाणा की कुरुक्षेत्र पुलिस ने रास्ते में पंजाब पुलिस की टीम को रोक लिया. थोड़ी देर बाद दिल्ली पुलिस पहुंच गई. हरियाणा पुलिस ने बग्गा को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया. बाद में बग्गा को कुरुक्षेत्र से दिल्ली लाया गया. पंजाब पुलिस का कहना था कि बग्गा के खिलाफ एफआईआर दर्ज है. जांच में शामिल होने के लिए उन्हें पांच-पांच बार नोटिस देकर बुलाया गया, लेकिन वे नहीं आए. ऐसे में बग्गा की गिरफ्तारी जरूरी हो गई थी.
बग्गा के घरवालों ने अपहरण की सूचना दी थी: दिल्ली पुलिस
इधर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि पंजाब पुलिस ने दूसरे राज्य में गिरफ़्तारी के लिए जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया है. ना तो उन्होंने गिरफ्तारी के बारे में लोकल थाने में कोई सूचना दी और ना ही उन्हें खबर थी कि बग्गा को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया. बग्गा के घरवालों ने बताया था कि 10-15 लोग उनके बेटे को उठा कर ले गए.
अपहरण कर्ताओं को रोकने में मदद मांगी थी: हरियाणा पुलिस
वहीं, हरियाणा पुलिस का कहना था कि चूंकि उन्हें बग्गा को अपहरण कर ले जाए जाने की जानकारी मिली थी और दिल्ली पुलिस ने उन्हें बरामद करने में मदद मांगी थी, इसलिए बग्गा को ले जाने वाले लोगों को रोका गया और बग्गा को दिल्ली पुलिस की टीम के साथ वापस भेजा गया. (इनपुट अमित/ तेजश्री/ तनसीम हैदर)
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