केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने दिल्ली सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि वह विज्ञापनों पर कम खर्चा करें और दिल्ली की नगर निगमों को बकाया फंड जारी करें ताकि जनहित से जुड़े अधूरे विकास कार्य पूरे हो सकें.
दिल्ली के पंजाबी बाग में 'भारत दर्शन पार्क' का उद्घाटन करने पहुंचे गृह मंत्री शाह ने सीएम अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा. बीजेपी नेता ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री विज्ञापनों पर कम पैसा खर्च करें और नगर निगमों को 13,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि दें.
जो कहते हैं, वो करते हैं
अमित शाह ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा, हमारी सरकार की कार्य संस्कृति में है कि हम वही करते हैं जो हम कहते हैं. जबकि अन्य दूसरे ऐसे लोग हैं जो काम नहीं करते, बस टीवी पर विज्ञापन और इंटरव्यू देते हैं. इसलिए अब दिल्ली की जनता को यह तय करने का समय आ गया है कि वह किस कार्य संस्कृति का समर्थन करना चाहिए.
85 हजार झुग्गीवासियों को मिलेगा घर
गृह मंत्री ने अपने भाषण में केंद्र की योजनाएं गिनाते हुए बताया कि पीएम मोदी ने दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया. इन Situ हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत लाभार्थियों को सिर्फ 1.4 लाख रुपये में आधुनिक सुविधाओं वाले घर उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे लगभग 85,000 झुग्गी-झोपड़ीवासी लाभान्वित होंगे.
AAP की तीखी प्रतिक्रिया
अमित शाह के इस बयान पर AAP सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. आम आदमी पार्टी की सरकार ने भाजपा शासित दिल्ली की नगर निगमों को दुनिया के सबसे भ्रष्ट निकाय करार दिया है. AAP ने अपने तंज भरे आरोपों में कहा है कि इन निगमों का सारा पैसा भाजपा नेताओं की जेब में जाता है. अमित शाह भ्रष्टाचार का साथ देने की बजाय इन्हें ईमानदारी से चलाएं, पैसे की कमी नहीं होगी.
योगी और मोदी के 850 और दिल्ली सरकार के मात्र 108 होर्डिंग
विज्ञापनों पर पैसा खर्चने के सवाल पर दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया है, अमित शाह दिल्ली का एक दौरा कर लें, तो चारों तरफ केवल यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज्ञापन दिखाई देंगे. दिल्ली के अख़बारों में रोज़ योगी जी और मोदी जी के ही विज्ञापन दिखाई देते हैं. दिल्ली में इस वक्त योगी जी और मोदी जी के 850 होर्डिंग हैं और दिल्ली सरकार के मात्र 108 होर्डिंग हैं. योगी जी तो UP के CM हैं, फिर दिल्ली में इतने विज्ञापन क्यों देते हैं? दिल्ली सरकार साल में विज्ञापनों पर केवल 70 करोड़ खर्च करती है जबकि योगी सरकार साल में 2000 करोड़ खर्च करती है. उल्टा चोर कोतवाल को डांटे?
aajtak.in / पंकज जैन