एमसीडी कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिलने के मुद्दे पर हाईकोर्ट की ओर से दिल्ली सरकार को मिली फटकार के बाद कांग्रेस के नेता अजय माकन ने कहा कि हमें खुशी है कि हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया है और एमसीडी को फटकार लगाई.
ने कहा कि जब दिल्ली में हमारी सरकार थी और एमसीडी में बीजेपी का शासन था तब भी हम उनको पैसा देते थे ताकि कर्मचारियों को तनख्वाह के लिए दिक्कत ना हो. उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिल रही है तो दिल्ली सरकार जिम्मेदार है क्योंकि उनकी नाक के नीचे कर्मचारियों को नहीं मिल रही. इससे जुड़े टीचर, सफाई कर्मचारियों, डॉक्टर्स, नर्स को सैलरी न मिलना बड़ी दुख की बात है.
माकन ने कहा कि सबसे निचले स्तर के लोगों को तनख्वाह ना मिले तो ये सवाल खड़ा करता है कि हम कैसे उम्मीद करें कि राष्ट्र की राजधानी अंतरराष्ट्रीय स्तर की शहर बनेगी? उन्होंने कहा कि केंद्र से जितने पैसे पहले मिलते थे उतने ही मिल रहे हैं, जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की थी है, सब चीजें LG और केंद्र सरकार पर डालते रहेंगे. आखिर कब केजरीवाल दिल्ली के साथ मजाक करना बंद करेंगे.
ने कहा कि दिल्ली सरकार का लगातार बजट बढ़ रहा है लेकिन एमसीडी को दिया जाने वाला पैसा कम हो रहा है. आखिर केजरीवाल बताएं कि एमसीडी को दिया जाने वाले बजट में लगातार कमी क्यों हो रही है. उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार दिल्ली सरकार और एमसीडी तीनों को कह रहे हैं कि जल्दी से जल्दी कर्मचारियों की तनख्वाह दे वरना कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर इन कर्मचारियों के लिए प्रदर्शन करेगी.
दूसरी ओर, मजदूर यूनियन के नेता विजय बागड़ी ने कहा कि कोर्ट के आदेश से हम दिल से स्वागत करते हैं लेकिन पिछली बार भी दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि 1 से 7 तक तनख्वाह मिलेगी मगर एमसीडी ने हाईकोर्ट के उस आदेश को भी नहीं माना. हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना एमसीडी पहले भी करती रही है, हालांकि इस बार उन्हें उम्मीद है कि इस बार हाईकोर्ट के इस आदेश को एमसीडी मानेगी.
मणिदीप शर्मा