पूर्वी एमसीडी की एनजीटी में याचिका, जुर्माना नहीं भरते लोग

ईस्ट एमसीडी ने अपनी लगायी अर्जी में बताया है कि उन्होंने कूड़ा जलाने वाले करीब 336 लोगों ने चालान होने के बवजूद जुर्माना नहीं दिया है जबकि निर्माण कार्य करके प्रदूषण फ़ैला रहे करीब एक हज़ार से ऊपर लोगों का चालान किया गया है.

Advertisement
पूर्वी एमसीडी की एनजीटी में  अपील पूर्वी एमसीडी की एनजीटी में अपील

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 19 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 4:47 PM IST

एनजीटी ने प्रदूषण पर लगाम लगाने और प्रदूषण को बढ़ा रहे लोगों को रोकने के लिए भले ही नियमों को सख्त किया हो और जुर्माने वसूलने की हिदायत एजेंसियों को दी हो लेकिन न तो एजेंसियों के लिए आम लोगों से जुर्माने की राशि वसूलना आसान है और न ही प्रदूषण को कम करने को लेकर आम लोग कुछ खास जागरूक दिख रहे है.

Advertisement

ईस्ट एमसीडी ने में एक अर्जी लगाई है कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्होंने प्रदूषण फ़ैला रहे लोगों का चालान तो कर दिया है लेकिन लोग जुर्माने की राशि तक भरने को तैयार नहीं है. ईस्ट एमसीडी ने अपनी लगायी अर्जी में बताया है कि उन्होंने कूड़ा जलाने वाले करीब 336 लोगों ने चालान होने के बवजूद जुर्माना नहीं दिया है जबकि निर्माण कार्य करके प्रदूषण फ़ैला रहे करीब एक हज़ार से ऊपर लोगों का चालान किया गया है. ये सब जुर्माने एनजीटी के सख्त आदेश के बाद ईस्ट एमसीडी ने किये जो दिल्ली मे प्रदूषण के ख़तरनाक स्तर तक पहुचने के बाद उसको कंट्रोल करने के लिए दिए गए थे.

ने अर्जी में कहा कि निर्माण कार्य में नियमों का पालन न करने वाले और धूल से प्रदूषण को बढ़ा रहे करीब 1082 लोगों ने अभी तक जुर्माने की रकम जमा नहीं की है, इसके अलावा कूड़ा जलाने वाले करीब 336 लोगों ने भी चालान होने के बाद भी जुर्माने की रकम नहीं चुकाई है. कूड़ा जलाने पर 5 हज़ार का जबकि निर्माण कार्य से प्रदुषण फ़ैलाने पर 50 हज़ार तक का जुर्माना है यानि जुर्माने का लाखों रुपया डिफाल्टरों से वसूलने के लिए भी ईस्ट एमसीडी को कोर्ट की शरण मे आना पड़ा है. एनजीटी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 21 दिसंबर को इस पर सुनवाई करने का फ़ैसला लिया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement