बुखार से बेहाल दिल्ली-एनसीआर में 'डॉक्टर ऑन कॉल' की सुविधा

डॉक्टर को घर बुलाने के लिए 500 से लेकर 2000 रुपये तक खर्च आता है. अगर आप अतरिक्त सुविधाएं लेते हैं, तो ये कीमत बढ़ सकती है, लेकिन लोगों में बीमारी का डर ऐसा है कि वो इस खर्च को करने के लिए तैयार नज़र आ रहे हैं.

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डेंगू से अब तक 14 मौतें डेंगू से अब तक 14 मौतें

अंजलि कर्मकार / रजत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 5:18 AM IST

दिल्ली एनसीआर में डेंगू और चिकनगुनिया का कहर लगातार जारी है. अस्पतालों से लेकर क्लीनिक में मरीज़ों की भीड़ है. ऐसे में एक कंपनी है, जो घर जाकर मरीज़ों का इलाज कर रही है. हेल्थ केयर एट होम ये वो नाम है जो आपके घर आकर इलाज करते हैं.

इस वक़्त दिल्ली के हर दूसरे घर में बुखार का मरीज़ है. अस्पताल हो या प्राइवेट क्लीनिक मरीज़ों की भीड़ लगी हुई है. हालत ऐसे हैं कि कई बार मरीज़ों को इलाज मिलना भी मुश्किल हो रहा है. ऐसे में हेल्थ केयर एट होम लोगों को डॉक्टर आन कॉल जैसी सुविधा दे रहा है.

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मरीजों के लिए बनाया कॉल सेंटर
इस कंपनी ने लोगों की परेशानी सुनने के लिए एक कॉल सेंटर बनाया है. यहां मरीज़ या कोई और ज़रूरत पड़ने पर कॉल करता है, जिसके बाद उससे के बारे में पूछा जाता है. कॉल पर मरीज़ की डिटेल्स लेकर डॉक्टर के पास भेजी जाती है, जिसके बाद यहां मौजूद डॉक्टर उस डिटेल्स के हिसाब से अपना मेडिकल बैग तैयार करते हैं और फिर वो निकल पड़ते हैं, उस मरीज़ के इलाज के लिए जिसको उनकी ज़रूरत है.

कितना आता है खर्च?
डॉक्टर को घर बुलाने के लिए 500 से लेकर 2000 रुपये तक खर्च आता है. अगर आप लेते हैं, तो ये कीमत बढ़ सकती है, लेकिन लोगों में बीमारी का डर ऐसा है कि वो इस खर्च को करने के लिए तैयार नज़र आ रहे हैं.

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क्या कहते हैं मरीज के घरवाले?
इस सुविधा को इस्तेमाल करने वाली आकांक्षा का कहना है कि उनके भाई को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा है, जब घरवाले उसे लेकर अस्पताल गए, तो वहां मरीजों की भीड़ के चलते इलाज नहीं मिला. इससे घरवाले परेशान थे, फिर एक दोस्त ने उन्हें इस सुविधा के बारे में बताया. दिए गए नंबर पर कॉल करनवे के कुछ देर बाद ही डॉक्टर उनके घर पहुंचे और भाई का इलाज किया.

क्या कहती है कंपनी?
कंपनी के डॉक्टर गौरव ठकराल का कहना है कि का मकसद लोगों में बढ़ रहे पैनिक को काम करके उन्हें इलाज देना है, ताकि हॉस्पिटल में बेड जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध रहे, लेकिन इसके साथ ही ये ध्यान भी रखा जाता है कि अगर किसी की हालत गंभीर है, तो उससे हॉस्पिटल भी पहुंचाया जाए. दिल्ली में इस वक्त डेंगू और चिकनगुनिया के मामले लगातार आ रहे हैं. ऐसे में एनसीआर में 150 से ज्यादा डॉक्टरों को इस सुविधा से जोड़ा गया है, जिन्होंने पिछले दो महीने में 200 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया है.

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