दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में देर रात कानून-व्यवस्था बिगड़ने का मामला सामने आया है. चांदनी महल थाना पुलिस ने पथराव और सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर FIR दर्ज की है. यह FIR पुलिस स्टेशन चांदनी महल में तैनात कॉन्स्टेबल संदीप के बयान के आधार पर दर्ज की गई है.
कॉन्स्टेबल संदीप ने अपने बयान में बताया कि वह बड़ी मस्जिद, तुर्कमान गेट के पास ड्यूटी पर तैनात थे. कोर्ट के आदेश के अनुसार फैज इलाही मस्जिद के पास MCD द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित थी, जिसकी सूचना पहले ही स्थानीय लोगों को दी जा चुकी थी.
आज तक से बातचीत में घायल पुलिसकर्मियों ने बताया कि मौके पर करीब दो हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ मौजूद थी, जो लगातार नारेबाजी कर रही थी. हेड कांस्टेबल जल सिंह ने कहा कि डेमोलिशन से पहले पुलिस कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए शांति बनाए रखने की अनाउंसमेंट कर रही थी, लेकिन इसके बावजूद भीड़ उग्र हो गई.
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नारेबाजी के बाद अचानक तेज पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट आई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा. पुलिसकर्मियों के मुताबिक पथराव करने वाले कई लोग मास्क लगाए हुए थे, जबकि कुछ ने तौलियों से अपने चेहरे ढक रखे थे, जिससे हालात और ज्यादा भयावह हो गए.
पत्थरबाजी करने वालों की पहचान
बयान के अनुसार, रात करीब 12 बजकर 40 मिनट पर SHO पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर बैरिकेडिंग कर रहे थे. इसी दौरान करीब 30-35 लोगों की भीड़ पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग की ओर बढ़ी. कॉन्स्टेबल संदीप ने बताया कि वह भीड़ में शामिल शहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कासिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ को पहचानते हैं. अदनान और समीर ने वॉट्सएप पर मैसेज सर्कुलेट किया था. सभी हिरासत में हैं.
कॉन्स्टेबल ने धारा 163 लागू होने का किया ऐलान
कॉन्स्टेबल के मुताबिक, SHO ने लाउड हेलर के जरिए भीड़ को बताया कि इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है और सभी लोग तितर-बितर हो जाएं. इसके बावजूद भीड़ नहीं मानी और नारेबाजी करते हुए पुलिस बैरिकेड तोड़ दिया. इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी.
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कॉन्स्टेबल संदीप ने आरोप लगाया कि पथराव के दौरान एक व्यक्ति ने उनके हाथ से लाउड हेलर छीनकर तोड़ दिया. इस घटना में हेड कॉन्स्टेबल जय सिंह, कॉन्स्टेबल विक्रम, कॉन्स्टेबल रविंद्र और स्वयं SHO को चोटें आईं. हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया. घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
किन धाराओं में दर्ज किया गया केस?
पुलिस ने इस मामले में BNS की धाराओं 221, 132, 121, 191(2), 191(3), 223(A), 3(5) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
अरविंद ओझा