फिदायीन हमला नहीं, आतंकी ने हड़बड़ी में किया धमाका! दिल्ली ब्लास्ट की शुरुआती जांच में क्या निकला

सूत्रों के मुताबिक जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि सुरक्षा एजेंसियों की ताबड़तोड़ छापेमारी और फरीदाबाद से विस्फोटक बरामदगी के बाद दिल्ली ब्लास्ट के संदिग्ध पर दबाव बढ़ गया था. धमाके में इस्तेमाल किया गया IED पूरी तरह विकसित नहीं था. यही वजह रही कि धमाका बेहद सीमित दायरे में हुआ.

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सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह हमला किसी आत्मघाती मिशन जैसा नहीं था. (Photo- PTI) सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह हमला किसी आत्मघाती मिशन जैसा नहीं था. (Photo- PTI)

मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 11 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 10:29 PM IST

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की शुरुआती जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं. टॉप सोर्स से मिली जानकारी के मुताबिक यह आत्मघाती हमला नहीं था बल्कि संदिग्ध आरोपी ने हड़बड़ी में धमाका कर दिया. इतना ही नहीं, धमाके में इस्तेमाल किया गया IED पूरी तरह विकसित नहीं था. यही वजह रही कि धमाका बेहद सीमित दायरे में हुआ.

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एजेंसियों का मानना है कि अगर बम पूरी तरह विकसित होता या आरोपी ने इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया होता, तो यह धमाका बेहद घातक साबित हो सकता था. यही कारण है कि जांच में न कोई गड्ढा बना, न ही मौके से कोई छर्रे या धातु के टुकड़े (श्रेपनल) मिले. सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक धमाका कार के चलने के दौरान हुआ, जिससे उसका असर फैल गया और नुकसान सीमित रहा.

हड़बड़ी में किया ब्लास्ट?

सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह तथ्य निकलकर सामने आ रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में लगातार छापेमारी और विस्फोटक बरामदगी के बाद संदिग्ध पर दबाव बढ़ गया था. प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इसी बढ़ते दबाव के कारण आरोपी ने गड़बड़ी में बम को सक्रिय कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

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आत्मघाती हमले जैसा पैटर्न नहीं

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह हमला किसी आत्मघाती मिशन जैसा नहीं था. आरोपी ने कार को किसी टारगेट से नहीं टकराया, न ही किसी इमारत, बैरिकेड या भीड़भाड़ वाले इलाके में गाड़ी घुसाने की कोशिश की. सामान्यत: आत्मघाती कार धमाकों में हमलावर किसी निश्चित जगह को निशाना बनाकर टक्कर मारता है, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ. इससे साफ है कि यह ‘फुल-स्केल सुसाइड मिशन’ नहीं था, बल्कि पैनिक ट्रिगर (घबराहट में विस्फोट) की स्थिति थी.

देशभर में सतर्कता से टला बड़ा हमला

सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए पैन-इंडिया अलर्ट और समन्वित कार्रवाई ने एक बड़े आतंकी हमले को नाकाम कर दिया. कई जगहों पर संदिग्ध मॉड्यूल्स की धरपकड़ और जब्ती ने नेटवर्क को कमजोर कर दिया, जिससे लाल किला धमाका एक असफल कोशिश साबित हुई.

दिल्ली पुलिस ने MHA को सौंपी रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस ने ब्लास्ट पर गृह मंत्रालय को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में i20 कार में हुए विस्फोट से पहले की घटनाओं का पूरा क्रम विस्तार से बताया गया है. साथ ही, जांच के दौरान दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच हुई समन्वय प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है.

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वहीं नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), जो कल से दिल्ली कार ब्लास्ट केस में लोकल पुलिस के साथ जुड़ी हुई थी, ने आदेश जारी होने के बाद केस को औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

दिल्ली सीएम ने मुआवजे का किया ऐलान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "दिल्ली में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है. इस मुश्किल की घड़ी में दिल्ली सरकार की गहरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और जो इस घटना में घायल हुए हैं."

उन्होंने आगे लिखा, "दिल्ली सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और हमने तत्काल राहत के लिए एक संवेदनशील निर्णय लिया है. इस घटना में मृतक के परिवारों को ₹10 लाख, स्थायी रूप से अक्षम लोगों को ₹5 लाख, गंभीर रूप से घायलों को ₹2 लाख की राशि देगी. घायलों के समुचित और गुणवत्तापूर्ण इलाज की जिम्मेदारी हमारी सरकार लेगी. दिल्ली की शांति और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है और सभी पीड़ित लोगों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है."

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