'एक कप चाय तो पूछ लेते’, पुलिस Vs पुलिस के बाद शिमला से लौटते वक्त क्या बोले अधिकारी

शिमला में दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर रातभर गतिरोध चला. वापसी के समय एक दिल्ली पुलिस अधिकारी ने कहा कि पूरी रात रोका, कम से कम चाय तो पूछ लेते. बाद में सीजर मेमो साझा करने के बाद टीम आरोपियों के साथ दिल्ली रवाना हुई.

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दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच हुआ था गतिरोध. (Screengrab) दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच हुआ था गतिरोध. (Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच तीन लोगों की गिरफ्तारी को लेकर लंबा गतिरोध देखने को मिला. इस पूरे घटनाक्रम के अंत में एक दिल्ली पुलिस अधिकारी की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई.

19 फरवरी की सुबह जब दिल्ली पुलिस की टीम शिमला से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो रही थी, तब शोगी बॉर्डर पर एक अधिकारी ने कहा, पूरी रात रोके रखा, कम से कम एक कप चाय तो पूछ लेते. यह टिप्पणी वहां मौजूद एक पत्रकार ने सुनी. पत्रकार ने आगे बढ़कर अधिकारी से चाय की पेशकश भी की, लेकिन अधिकारी ने धन्यवाद देते हुए कहा कि अब वो रवाना होंगे.

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यह पूरा मामला 18 फरवरी से शुरू हुआ. दिल्ली पुलिस की एक टीम ने शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र के चिरगांव स्थित एक होटल से यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. इन पर एआई इम्पैक्ट समिट में कथित शर्टलेस प्रोटेस्ट से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई थी.

शिमला में दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच रातभर गतिरोध
 

गिरफ्तारी के बाद जब टीम आरोपियों को लेकर लौट रही थी, तब स्थानीय पुलिस ने उन्हें रोक लिया और शिमला वापस लाया गया. टीम को स्थानीय अदालत में भी पेश किया गया. उसी शाम जब दिल्ली पुलिस दोबारा आरोपियों को दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रही थी, तब शोगी बॉर्डर पर फिर से रोक दिया गया. इस दौरान अपहरण, संपत्ति छिपाने, गलत तरीके से बंधक बनाने और गैरकानूनी जमावड़े जैसे आरोपों का मामला भी दर्ज किया गया. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया.

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आखिरकार गतिरोध तब खत्म हुआ जब दिल्ली पुलिस ने अपने पास मौजूद साक्ष्यों से संबंधित सीजर मेमो की प्रति हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंपी. हालांकि डिजिटल साक्ष्य साझा नहीं किए गए, लेकिन मेमो में उपलब्ध साक्ष्यों की सूची दी गई. दिल्ली पुलिस ने कहा कि यदि और कुछ चाहिए तो शिमला पुलिस को लिखित अनुरोध देना होगा.

सीजर मेमो साझा करने के बाद खत्म हुआ विवाद

तीनों गिरफ्तार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम सौरभ सिंह, अरबाज और सिद्धार्थ बताए गए हैं. वो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रहने वाले बताए गए हैं. एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जब जांच के बाद पहचान स्पष्ट हो गई थी, तो स्थानीय पुलिस को टीम को जाने देना चाहिए था. साथ ही यह भी कहा गया कि गिरफ्तारी के बाद स्थानीय थाने को सूचित किया जाना चाहिए था. आखिर में रातभर चले गतिरोध के बाद दिल्ली पुलिस की टीम तीनों आरोपियों के साथ राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो गई.
 

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