कोरियन बिजनेसमैन बनकर 100 से ज्यादा महिलाओं को ठगा, दिल्ली में नाइजीरियाई नागरिक अरेस्ट

दिल्ली पुलिस ने तिलक नगर से नाइजीरियाई नागरिक स्टीफन उर्फ के सी डोमिनिक को गिरफ्तार किया. वह लैंग्वेज एक्सचेंज ऐप पर खुद को ब्रिटेन स्थित कोरियाई बिजनेसमैन बताकर 100 से अधिक महिलाओं से ठगी कर रहा था. शिकायत पर कार्रवाई कर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा. उसके पास से मोबाइल मिला जिसमें कई फर्जी प्रोफाइल और महिलाओं से चैट के सबूत मिले.

Advertisement
नाइजीरियाई शख्स ने 100 से ज्यादा भारतीय महिलाओं को ठगा (Photo: Representational Image) नाइजीरियाई शख्स ने 100 से ज्यादा भारतीय महिलाओं को ठगा (Photo: Representational Image)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर से एक 29 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. उस पर एक लैंग्वेज एक्सचेंज ऐप पर खुद को ब्रिटेन स्थित कोरियाई व्यवसायी बताकर भारत भर की 100 से ज्यादा महिलाओं को ठगने का आरोप है. पुलिस ने सोमवार को ये जानकारी दी है.उन्होंने बताया कि स्टीफन उर्फ ​​के सी डोमिनिक को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया.

Advertisement

ऐप के जरिए बनाता था कनेक्शन

अपनी कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए, पुलिस ने बताया कि डोमिनिक एक ऐसे ऐप का इस्तेमाल करता था जो दुनिया भर की मूल भाषियों से चैट करके यूजर्स को भाषा का अभ्यास करने में मदद करता है. यह ऐप अविवाहित महिलाओं को निशाना बनाता और उनका विश्वास जीतता था. इसके बाद वह दावा करता था कि वह इमिग्रेशन में बड़ी राशि के चेक या दस्तावेजों के साथ फंसा हुआ है. पुलिस ने बताया कि उसके साथी फोन कॉल पर अधिकारियों का रूप धारण करके पैसे मांगते थे, जिसे पीड़ित डिजिटल रूप से ट्रांसफर कर देते थे.

कोरियाई ज्वैलरी बिजनेसमैन बनकर बातचीत

शाहदरा के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि डोमिनिक कथित तौर पर खुद को ब्रिटेन में बसे एक कोरियाई ज्वैलरी बिजनेसमैन डक यंग के रूप में पेश करता था और महिलाओं को व्यक्तिगत संबंधों और व्यावसायिक साझेदारी के झूठे वादों के साथ फंसाता था. यह मामला तब प्रकाश में आया जब अंजलि नामक महिला ने 24 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथ 48,500 रुपये की ठगी की गई है.

Advertisement

एयरपोर्ट पर फंसे होने की बात कहकर ठगी

पुलिस के अनुसार, अंजली की मुलाकात ऐप के जरिए 'डक यंग' से हुई, जिसने बाद में दावा किया कि उसे बिना मेडिकल सुविधा कार्ड के यात्रा करने के कारण मुंबई हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था. इसके बाद शिकायतकर्ता को दो भारतीय नंबरों से कॉल आए, जहां कॉल करने वालों ने खुद को इमिग्रेशन अधिकारी बताया और उसकी मंजूरी के लिए पैसे मांगे.

यूपीआई के जरिए ट्रांसफर किए पैसे

डीसीपी ने कहा, 'यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के बाद, अंजली से 2 लाख रुपये और मांगे गए. जब ​​उसने इनकार कर दिया, तो आरोपी ने सभी तरह की बातचीत बंद कर दी.' इस मामले में शाहदरा के साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और धोखेबाज का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की गई तब जाकर उसे पकड़ा गया. 

जांचकर्ताओं ने पश्चिमी दिल्ली इलाके में डोमिनिक का पता लगाने से पहले कॉल रिकॉर्ड, बैंक विवरण और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की. पुलिस ने बताया कि उसके पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है जिसमें फर्जी प्रोफाइल और 100 से ज्यादा महिलाओं के साथ चैट के सबूत मिले हैं.

छह महीने के पर्यटक वीजा पर आया था भारत

Advertisement

पूछताछ के दौरान, डोमिनिक ने खुलासा किया कि क्योंकि नाइजीरियाई नागरिकों को भारतीय वीजा मिलने में दिक्कतें आ रही थीं इसलिए उसने 2019 में आइवरी कोस्ट से प्राप्त पासपोर्ट का इस्तेमाल करके छह महीने के पर्यटक वीजा पर भारत में प्रवेश किया था.फिर वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद वह अवैध रूप से यहीं रह गया और अपनी सेविंग खत्म होने पर साइबर फ्रॉड करने लगा.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement