दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर एंड डिलिवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम की अधिसूचना जारी

यह योजना दिल्ली में संचालित एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं या ई-कॉमर्स संस्थाओं पर लागू होती है. इसमें वैसी सेवा प्रदाताओं को शामिल किया जाएगा जिनके बेड़े में 25 या अधिक मोटर वाहन (2 पहिया, 3 पहिया और 4 पहिया, बसों को छोड़कर) हैं और  जो ऐप या वेब पोर्टल जैसे डिजिटल मध्यस्थ का उपयोग उपभोक्ताओं से जुड़ने के लिए करते हैं.

Advertisement
अरविंद केजरीवाल-फाइल फोटो अरविंद केजरीवाल-फाइल फोटो

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 29 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:59 PM IST

अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर एंड डिलिवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम 2023 की अधिसूचना जारी कर दी है. इसके साथ ही दिल्ली में अब एप आधारित कैब और डिलिवरी सेवा प्रदान करने वाले एग्रीगेटर्स को अपने वाहनों को एक निश्चित समय के अंदर इलेक्ट्रिक में बदलना होगा. दिल्ली के अंदर काम करने वाले ऑपरेटर्स को अब अधिसूचना जारी होने के 90 दिनों के अंदर लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा. 

Advertisement

लाइसेंस प्राप्त करने वाले ऑपरेटर्स को चरणबद्ध तरीके से अपने वाहन बेड़े को 2030 तक सौ फीसद इलेक्ट्रिक में बदलना होगा. अगर स्कीम के अंतर्गत नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो एग्रीगेटर्स और सेवा प्रदाताओं के ऊपर 5 हजार से एक लाख रुपए दंड का प्रावधान किया गया है.

योजना की मुख्य विशेषताएं
सस्टेनेबल मोबिलिटी: योजना के अंतर्गत सेवा प्रदाताओं को वायु प्रदूषण को कम करने और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ाने के लिए अपने बेड़े को इलेक्ट्रिक में चरणबद्ध रूपांतरित करना होगा. दिल्ली में सभी एग्रीगेटर्स का पूरा बेड़ा 2030 तक इलेक्ट्रिक हो जाएगा.

इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी: योजना अंतर्गत सभी एग्रीगेटर्स को केवल इलेक्ट्रिक वाहन बाइक टैक्सी संचालित करने की अनुमति दी जाएगी. साथ ही उन्हें योजना में निर्दिष्ट सभी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

सेवा गुणवत्ता मानक: योजना में सेवा गुणवत्ता के लिए सख्त मानक स्थापित किए गए हैं . इसमें वाहन की साफ-सफाई, ड्राइवर का व्यवहार और ग्राहकों की शिकायतों का समय पर समाधान शामिल है.

Advertisement

सार्वजनिक सुरक्षा: इस योजना में यात्रियों की सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है.

यह योजना दिल्ली में संचालित एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं या ई-कॉमर्स संस्थाओं पर लागू होती है. इसमें वैसी सेवा प्रदाताओं को शामिल किया जाएगा जिनके बेड़े में 25 या अधिक मोटर वाहन (2 पहिया, 3 पहिया और 4 पहिया, बसों को छोड़कर) हैं और  जो ऐप या वेब पोर्टल जैसे डिजिटल मध्यस्थ का उपयोग उपभोक्ताओं से जुड़ने के लिए करते हैं.

लाइसेंस 
सभी मौजूदा या नए ऑपरेटरों को योजना की अधिसूचना के 90 दिनों के भीतर या परिचालन शुरू करने से पहले लाइसेंस प्राप्त करना होगा. लाइसेंस पांच साल के लिए वैध होगा, जिसमें वार्षिक शुल्क लागू होगा. इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में कोई शुल्क नहीं लगेगा. इसके अतिरिक्त, दो वर्ष से कम पुराने वाहनों के लिए 50% की छूट का प्रावधान है.

पेनाल्टी
इस स्कीम में योजना अनुपालन का सख्त प्रावधान है. नियम उल्लंघन पर 5,000 से 100,000 रुपए दंड का प्रावधान है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement