80 दिन बाद क्या आज दिल्ली को मिलेगा मेयर? AAP की खुलेगी किस्मत या BJP देगी झटका

एमसीडी चुनाव के बाद चौथी बार पार्षद और अन्य सदस्यों की बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मेयर और डिप्टी मेयर समेत स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चुनाव होगा. एमसीडी मेयर का चुनाव सुबह 11 बजे से होगा. हालांकि अभी भी बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या इस बार मेयर का चुनाव बिना किसी हंगामे के हो जाएगा?

Advertisement
एमसीडी के मेयर का चुनाव आज होगा एमसीडी के मेयर का चुनाव आज होगा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:41 AM IST

दिल्ली को आज बुधवार को एमसीडी चुनाव के 80 दिन बाद आखिरकार नए मेयर मिल जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी 274 पार्षद और सदस्य मेयर चुनने के लिए मतदान करेंगे. एमसीडी चुनाव के बाद चौथी बार पार्षद और अन्य सदस्यों की बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मेयर और डिप्टी मेयर समेत स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चुनाव होगा. एमसीडी सदन में मेयर का चुनाव सुबह 11 बजे से होगा, जिसमें 250 पार्षद, दिल्ली के 10 सांसद और 14 विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

Advertisement

हालांकि अभी भी बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या इस बार मेयर का चुनाव बिना किसी हंगामे के हो जाएगा? वहीं अगर मेयर चुन लिया जाता है तो उसका कार्यकाल लगभग 40 दिनों का ही होगा. अप्रैल में फिर से एमसीडी का चुनाव कराया जाएगा, क्योंकि नियम के अनुसार मेयर का कार्यकाल एक अप्रैल से 31 मार्च तक के लिए होता है. 

दरअसल, दिल्ली MCD चुनाव के नतीजे पिछले साल 7 दिसंबर को आ गए थे. एमसीडी चुनाव में AAP ने 134 सीटें जीतीं जबकि बीजेपी को 104 सीटों पर जीत मिली थीं. इसके बाद से तीन बार सदन की बैठक बुलाकर मेयर चुनने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. हालांकि हंगामे के चलते तीनों बार ऐसा न हो सका. जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने जल्द से जल्द चुनाव कराने के निर्देश जारी किए. इसके बाद एमसीडी की तीन बार बैठक हो चुकी है, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं हो सके.  

Advertisement

दिल्ली नगर निगम ने पहली बार 6 जनवरी को सदन की बैठक बुलाई थी. उसके बाद दूसरी बैठक 24 जनवरी और महीने भर के अंदर ही तीसरी बैठक 6 फरवरी को बुलाई गई. हालांकि, इन बैठकों में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के सदस्यों के हंगामा करने के चलते चुनाव नहीं हो सका और बैठक स्थगित कर दी गई. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के चुनाव के संबंध में AAP की मेयर कैंडिडेट शैली ओबेरॉय ने याचिका दायर की थी. याचिका में मनोनीत सदस्यों को मेयर के चुनाव में मतदान करने से रोकने के लिए मांग की गई थी. इसके साथ ही ओबेरॉय की याचिका में दिल्ली नगर निगम के सदन के प्रोटेम पीठासीन अधिकारी को भी हटाने की मांग की गई थी.

मसीडी मामले में सुनवाई करते हुए  17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे के अंदर मेयर का चुनाव कराने की अधिसूचना जारी करने के आदेश दिए थे. साथ ही कहा था कि इस चुनाव में नामित सदस्य यानी एल्डरमैन वोट नहीं डाल सकेंगे, क्योंकि उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत मिली है. क्योंकि वह लगातार एल्डरमैन द्वारा वोटिंग का विरोध कर रही थी. अदालत के फैसले के मुताबिक मनोनीत सदस्य वोट नहीं डाल सकेंगे. 

Advertisement

मेयर के लिए कुल 274 वोटर्स

मेयर के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में 250 निर्वाचित पार्षद, सात लोकसभा और दिल्ली के तीन राज्यसभा सांसद और 14 विधायक शामिल हैं. दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में आप के 13 और भाजपा के एक विधायक को सदस्य मनोनीत किया है. चुनाव में कुल वोटों की संख्या 274 है. संख्याओं का खेल आम आदमी पार्टी के पक्ष में है, जिसके पास भाजपा के 113 के मुकाबले 150 वोट हो रहे हैं. इसके अलावा कांग्रेस के 9 पार्षद हैं तो दो निर्दलीय सदस्य हैं. 

शैली ओबरॉय बनाम रेखा गुप्ता 

दिल्ली नगर निगम में मेयर चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी से शैली ओबरॉय और बीजेपी से रेखा गुप्ता मैदान में है. डिप्टीमेयर के लिए बीजेपी से कमल बागरी और आम आदमी पार्टी से आले मोहम्मद इकबाल आमने-सामने हैं. स्टैंडिग कमेटी के लिए आम आदमी पार्टी की तरफ से मोहिनी, सारिका चौधरी, मोहम्मद आमिल मलिक और रमिंदर कौर हैं. बीजेपी से कमलजीत सहरावत, पंकज लुथरा और गजेंद्र सिंह दराल मैदान में है. दराल निर्दलीय पार्षद चुने गए थे, लेकिन बाद में बीजेपी का दामन थाम लिया. 

नए मेयर को मिलेगा 40 दिन का मौका

डीएमसी एक्ट की धारा दो (67) के अनुसार एमसीडी का अप्रैल के प्रथम दिन से वर्ष शुरू होता है और इस तरह 31 मार्च को वर्ष समाप्त हो जाता है. लिहाजा अप्रैल में दूसरे मेयर का चुनाव होगा. दिसंबर में चुनाव होने की वजह से मेयर के चुनाव पर असर पड़ रहा है और सदन में हंगामा होने के चलते मेयर का कार्यकाल तीन महीने से घटकर अब लगभग 40 दिन का रह गया है. 

Advertisement

25 साल पहले भी ऐसे ही हो गए थे हालात

साल 1997 में भी ऐसी ही स्थिति पैदा हो गई थी, जब एमसीडी के चुनाव फरवरी महीने में कराए गए थे. ऐसे में चुनाव के बाद एमसीडी के सदन के गठन की कवायद आरंभ कर दी गई. हालांकि, उस दौरान डीएमसी एक्ट के चलते जानकारों ने बताया था कि एमसीडी का वर्ष 31 मार्च को खत्म होता है. इसके कारण पहले साल महिला महापौर का कार्यकाल करीब 40 दिन बाद ही समाप्त हो जाएगा. इन्हीं कारणों के चलते एमसीडी के सदन की पहली बैठक 1997 में अप्रैल में आयोजित की गई और उस बैठक में ही महापौर का चुनाव कराया गया था.1997 में फरवरी में चुने गए पार्षद एक महीन से अधिक समय तक खाली रहे थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका है.

एमसीडी में किसका पलड़ा भारी?

कुल संख्या- 274
बहुमत का आंकड़ा- 138

आप का आंकड़ा

आप- 134
मनोनीत (विधायक)- 13
मनोनीत (सांसद)-3

कुल नंबर- 150 (बहुमत से 12 ज्यादा)

बीजेपी का आंकड़ा

बीजेपी-105
मनोनीत (विधायक)-1
मनोनीत (सांसद)-7

कुल नंबर- 113 (बहुमत से 25 कम)

अन्य आंकड़ा

कांग्रेस-9
निर्दलीय-2

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement