केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को लेकर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मेट्रो फेज-IV के तहत तीन नए मेट्रो कॉरिडोर के लिए फंड जारी कर दिया है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 14630.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
बताया जाता है कि कुल अनुमानित लागत में से दिल्ली सरकार को 3386 करोड़ 18 लाख रुपये देने हैं. दिल्ली सरकार ने अपने हिस्से के बजट को मंजूरी दे दी है. दिल्ली सरकार के इस कदम से राजधानी को 47 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो नेटवर्क के निर्माण कार्य को और रफ्तार मिलेगी. इससे न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि प्रदूषण और सड़क जाम जैसी समस्याओं को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा.
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दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज सिंह ने इस फैसले को लेकर कहा है कि राजधानी की स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में ये एक मील का पत्थर है. उन्होंने कहा है कि इन नए मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण से सड़क पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और आम लोगों की यात्रा अधिक सुगम, तेज़ और पर्यावरण अनुकूल बनेगी. मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के माध्यम से दिल्ली को एक सस्टेनेबल और भविष्य-उन्मुख शहर बनाने की दिशा में लगातार प्रगति हो रही है.
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ये होंगे तीन नए मेट्रो कॉरिडोर
मेट्रो फेज-IV के तहत जिन तीन नए कॉरिडोर के निर्माण के लिए फंड जारी किया गया है, वे हैं—लाजपत नगर से साकेत G ब्लॉक तक, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक, रिठाला से कुंडली तक. इन कॉरिडोर पर मेट्रो परिचालन शुरू होने से दक्षिण, मध्य और उत्तर दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. दिल्ली सरकार का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क के इस विस्तार से हर रोज़ यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी. ईंधन की खपत और वायु प्रदूषण में कमी आएगी. दिल्ली की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.
सुशांत मेहरा