Chhath Puja: दिल्ली में यमुना नदी में नहीं होगी छठ पूजा, प्रशासन ने लगाई रोक

दिल्ली में रहने वाले लोग अब कृत्रिम घाट पर ही छठ पूजा कर पाएंगे. यमुना में पूजा करने के लिए प्रशासन ने रोक लगा दी है. छठ पूजा के लिए डेढ़ से 2 लाख लोगों के आने की उम्मीद है. वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई पर छठ पूजा समिति ने सवाल खड़े किए हैं.

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यमुना में नहीं मनाई जाएगी छठ यमुना में नहीं मनाई जाएगी छठ

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 30 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी में छठ मनाने पर प्रशासन ने रोक लगा दी है. यमुना नदी की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है. सभी रास्तों पर सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स तैनात कर दिए गए हैं.  

दिल्ली में रहने वाले लोग अब कृत्रिम घाट पर ही छठ पूजा कर पाएंगे. छठ पूजा के लिए डेढ़ से 2 लाख लोगों के आने की उम्मीद है. वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई पर छठ पूजा समिति ने सवाल खड़े किए हैं. कमेटी ने कहा कि प्रशासन की जाने कि कैसे मैनेज किया जाएगा.  

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दिल्ली में छठ पूजा के लिए इस बार 1140 घाट बनाए गए हैं, जिनमें से 1078 कृत्रिम घाट हैं जिनको यमुना नदी के किनारे बनाया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल की तरफ से यमुना नदी में इस बार छठ पर्व को लेकर जो आदेश जारी किया गया था दरअसल उसमें यह कहा गया था कि एनजीटी के आदेशों का पालन करके ही तैयारियां की जाएंगी.  

एनजीटी ने पहले ही दिया था आदेश

एनजीटी का आदेश है कि यमुना नदी में किसी प्रकार की कोई भी सामग्री और विसर्जन नहीं किया जा सकता है. जिसके बाद अब यमुना नदी की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है. ताकि श्रद्धालु यमुना नदी में नहीं बल्कि यमुना नदी के किनारे बने कृत्रिम घाटों में ही पूजा-अर्चना करें.  

आज व्रती महिलाएं देंगी सूर्य को अर्घ्य

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छठ के महापर्व में भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाएगी. कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन व्रती महिलाएं उपवास रहती हैं और शाम में किसी नदी या तालाब में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं.
 

 

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