दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन स्टूडेंट्स की मौत का मामला गरमा गया है. केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है. इस घटना के बाद बिहार से लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान तक की सरकारें अलर्ट हो गई हैं. सोमवार को दिल्ली से लेकर पटना, कोटा और भोपाल समेत कई शहरों में प्रशासन ने कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण किया और बेसमेंट में क्लासेस या लाइब्रेरी संचालित पाए जाने पर इसे सील कर दिया गया है.
दरअसल, सपने और उम्मीदों की चाह में हजारों-लाखों बच्चे देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC में सफल होने के लिए हर साल दिल्ली से लेकर पटना और कोटा पहुंचते हैं. कोचिंग संस्थानों की ऊंची-ऊंची बिल्डिंग और बड़े-बड़े बैनर-पोस्टर देखकर स्टूडेंट्स भी हैरत में पड़ जाते हैं. लेकिन, सुविधाओं के नाम पर कोचिंग सेंटर से लेकर हॉस्टल और भोजनालय तक खिलवाड़ करते देखे जाते हैं. दिल्ली का राजेंद्र नगर इलाका उदाहरण है. पिछले साल दिल्ली के मुखर्जीनगर स्थित एक कोचिंग सेंटर में अचानक आग लगने से स्टूडेंट्स में हड़कंप मच गया था और स्टूडेंट्स जान बचाने के लिए बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से कूद गए थे.
दिल्ली में क्या हुआ...
दिल्ली के राजेंद्र नगर में 27 जुलाई की शाम करीब 6 बजे बारिश के बाद पानी सड़कों पर जमा हो गया. इस बीच, एक एसयूवी कार निकली और प्रेशर के कारण पानी राव IAS स्टडी सर्कल का गेट तोड़कर अंदर घुस गया और बेसमेंट में भर गया. वहां लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स में हड़कंप मच गया. घटना में उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव, तेलंगाना की तान्या सोनी और केरल के नवीन दल्विन की मौत हो गई. इससे पहले 22 जुलाई को ओल्ड राजेंद्र नगर के पास पटेल नगर इलाके में भारी बारिश के बाद बिजली का करंट लगने से 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी. ये युवक यूपीएससीट की तैयारी कर रहा था. दरअसल, ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में जलभराव पुरानी समस्या है. स्टूडेंट्स कई बार प्रशासन से शिकायतें भी कर चुका है. पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है. MCD ने ओल्ड राजिंदर नगर और मुखर्जी नगर में स्थित कोचिंग सेंटरों के 20 बेसमेंट को सील कर दिया है. इन बेसमेंट में लाइब्रेरी या क्लासेस संचालित हो रही थीं.
पटना: 15 दिन के अंदर सभी कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी
पटना में भी कोचिंग सेंटरों की जांच के आदेश दिए गए हैं. जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को सभी कोचिंग संस्थानों की जांच का निर्देश जारी किया है और इसके लिए उन्होंने जिले में अनुमंडलवार 6 सदस्य टीम का गठन भी कर दिया है. हर अनुमंडल में जो जांच टीम का गठन किया गया है जिसके अध्यक्ष अनुमंडल पदाधिकारी होंगे और उनके टीम में अग्निशमन पदाधिकारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और संबंधित थाना के थाना अध्यक्ष होंगे. डीएम ने आदेश में कहा है कि 15 दिनों के अंदर जांच टीम को हर अनुमंडल में चल रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपना है.
जिन पहलुओं पर जांच टीम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है उसमें कोचिंग संस्थानों के निबंध की स्थिति, सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति, बिल्डिंग बाय लॉस का अनुपालन, फायर एग्जिट की व्यवस्था, कोचिंग संस्थानों में प्रवेश और विकास द्वारा की पर्याप्त व्यवस्था तथा आकस्मिक स्थिति से निपटने की व्यवस्था आदि शामिल है.
भोपाल: एमपी नगर में दर्जनों की संख्या में कोचिंग सेंटर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एमपी नगर इलाके में दर्जनों की संख्या में कोचिंग सेंटर हैं. यहां UPSC, MPPSC समेत NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है. दिल्ली की घटना के बाद आजतक की टीम इस इलाके में पहुंची तो यहां बेसमेंट में कोचिंग संचालन होते मिला. कोचिंग में जाने और आने का एक ही रास्ता पाया गया. बेसमेंट में 3 क्लासरूम बनाए गए हैं. आग लगने या पानी भरने की स्थिति में कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं है. इतना ही नहीं, अग्निशमन यंत्र भी नहीं मिला है.
इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ निर्देश दिए कि बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों का सर्वे किया जाए और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. सोमवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए. सीएम ने कोचिंग स्थानों में जलभराव होने पर जल निकासी की व्यवस्था देखने और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि 16 नगर निगम कमिश्नर्स को निर्देश जारी कर कहा गया है कि वे अपने कार्य क्षेत्र में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों और अन्य धर्मशालाओं और संस्थाओं का निरीक्षण कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपें.
इंदौर में कोचिंग सेंटर्स की जुटाई जा रही जानकारी
इस बीच, इंदौर में सिविल सेवा के अभ्यर्थियों ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और दावा किया कि कई कोचिंग सेंटर अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा संचालित हो रहे हैं. इंदौर में करीब चार लाख छात्र सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. इंदौर में स्टूडेंट लीडर आकाश पाठक ने दावा किया कि कई कोचिंग संस्थान में सुरक्षा इंतजामों का अभाव है. उन्होंने कहा, दिल्ली की घटना के मद्देनजर इंदौर में कोचिंग संस्थानों की जांच की जानी चाहिए और सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी करने वालों को सील कर दिया जाना चाहिए. हमने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और पुलिस आयुक्त को एक ज्ञापन भेजा है. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा, हम कोचिंग संस्थानों की जांच करेंगे. जांच टीम में जिला प्रशासन, इंदौर नगर निगम, पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी होंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन नगर निकाय से बिल्डिंगों के बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटरों की संख्या के बारे में जानकारी एकत्रित कर रहा है. सिंह ने कहा, हम ऐसे संस्थानों में आग, बाढ़ और विद्युत दुर्घटनाओं से निपटने के लिए किए गए इंतजामों का निरीक्षण करेंगे.
कोटा: बेसमेंट में संचालित 13 लाइब्रेरी पर बैन
दिल्ली की घटना के बाद शिक्षा नगरी कोटा में प्रशासन अलर्ट मोड पर है. बेसमेंट में चल रही 13 लाइब्रेरी को बंद करवा दिया गया है. कोचिंग संस्थानों की भी जांच की जाएगी. कोचिंग सेंटर के संचालकों को हिदायत दी गई है कि अगर आदेश का उल्लंघन किया गया तो लाइब्रेरी सील करने की कार्रवाई की जाएगी. मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के नेतृत्व में अग्निशमन अधिकारी अमजद खान, अग्निशमन अधिकारी अजहर खान, सहायक अग्निशमन अधिकारी सीता चोबदार ने जवाहर नगर डिस्ट्रिक सेंटर, लैंडमार्क सिटी, कोरल पार्क और राजीव गांधी नगर में संयुक्त कार्रवाई की और बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी का निरीक्षण किया. करीब एक दर्जन ऐसी बिल्डिंग मिलीं, जहां बेसमेंट में लाइब्रेरी संचालित की जा रही थीं. संबंधित बिल्डिंग मालिक को मौके पर बुलाकर लाइब्रेरी को बंद करवाया गया. चेतावनी दी गई है कि यदि दोबारा लाइब्रेरी संचालित की जाती है तो नगर निगम कोटा उत्तर एवं दक्षिण द्वारा लाइब्रेरी के भवन को सीज कर दिया जाएगा.
प्रशासन का कहना था कि कोचिंग के आसपास जो लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं, वे जो नाले के किनारे पर हैं. ऐसी 13 लाइब्रेरी बंद करवाई गई हैं. मंगलवार को फिर कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी. मौके पर जाकर देखा जाएगा कि कहां-कहां पर ऐसे कोचिंग संस्थान हैं, जहां पर बेसमेंट में बच्चे पढ़ते हैं.
जयपुर: तंग गलियों और बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थान
जयपुर में सरकार और प्रशासन ने दो दिन पहले ही कोचिंग और लाइब्रेरी के भवनों और उसकी सुरक्षा के जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन जब आजतक की टीम कोचिंग वाले इलाके में पहुंची तो हालात जस के तस बने हुए दिखे. बेसमेंट में बिना सुरक्षा मानकों के साथ धड़ल्ले से कोचिंग और लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं. जयपुर के गोपालपुरा की तंग गलियों में कोचिंग और लाइब्रेरी बेसमेंट में चल रही हैं. गोपालपुरा में करीब 100 से ज्यादा छोटे-बड़े कोचिंग संस्थान हैं. बेसमेंट में किसी भी तरह की गतिविधि संचालित करना गैरकानूनी है. राजस्थान में कोचिंग संचालन के लिए एक्ट बने हुए हैं जिसमें कोचिंग संचालन के लिए भवन के लिए लैंड यूज चेंज करवाना पड़ता है मगर ये सभी आवासीय कॉलोनी में संचालित हो रहे हैं. फायर एनओसी तक इनके पास नहीं हैं.
बारिश के बाद उत्कर्ष जैसे बड़े कोचिंग संस्थान के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां क्लासरूम में पानी भरा है. हालांकि उनका कहना है कि ये वीडियो बेसमेंट का नहीं है. आजतक ने बेसमेंट में जाकर देखा तो वहां क्लास रूम पाया गया.
ये अकेले एक दो कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी की हालत नहीं है, बल्कि लगभग सभी भगवान भरोसे बेसमेंट में चल रहे हैं. जयपुर के मेयर का कहना है कि हमने इस तरह के कोचिंग और लाइब्रेरी पर कार्रवाई के आदेश दे रखे हैं और हमारी टीम जांच में लगी हुई है. जयपुर में संचालित हो रहे कोचिंग और लाइब्रेरी में किसी भी तरह की अनियमितता होने पर छात्र सुरक्षा के संबंध में कमिश्नरेट ने वॉट्सएप हेल्पलाइन 7300363636, कंट्रोल रूम 0141-2388435, 36, 37, 38 और 100 102 समेत pcrjprcity@yahoo.com पर सूचना दे सकते हैं.
रोहित कुमार सिंह / रवीश पाल सिंह / शरत कुमार / चेतन गुर्जर