नार्थ MCD ने कन्वर्जन शुल्क के नाम पर 1007 करोड़ वसूले, बचे मात्र 1.55 करोड़, खर्च का हिसाब नहीं: AAP

AAP नेता ने कहा कि पिछली बार जब लोकसभा का चुनाव लड़ा गया, तब भाजपा ने दिल्ली के अंदर सब जगह होर्डिंग्स लगाए थे कि कन्वर्जन चार्ज माफ करने के लिए नरेंद्र मोदी जी को हार्दिक धन्यवाद और अब उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंदर यह नोटिस हर दुकानदार को दिए जा रहे हैं.

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AAP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज AAP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 25 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 10:28 PM IST
  • AAP ने बीजेपी शासित एमसीडी पर लगाया आरोप
  • कहा- कन्वर्जन शुल्क के नाम पर 1007 करोड़ वसूले
  • लेकिन इसके खर्च का हिसाब नहीं

आम आदमी पार्टी ने एमसीडी द्वारा व्यापारियों को कन्वर्जन और पार्किंग शुल्क जमा करने को लेकर नोटिस भेजने का दावा किया. इस मसले पर पार्टी ने भाजपा को आड़े हाथ लिया. ‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान होर्डिंग्स लगाकर कन्वर्जन शुल्क माफ करने का दावा किया था और कन्वर्जन शुल्क माफ करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया था. इसके बावजूद भाजपा शासित नार्थ एमसीडी और साउथ एमसीडी के व्यापारियों को नोटिस भेज कर 31 मार्च तक कन्वर्जन और पार्किंग शुल्क जमा करने का दबाव बना रही है. 

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‘आप’ नेता ने कहा कि एमसीडी द्वारा शुल्क नहीं जमा करने पर दुकान सील करने की चेतावनी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि नार्थ एमसीडी ने कन्वर्जन शुल्क के नाम पर 1007 करोड़ वसूला, लेकिन इस पैसे का कोई हिसाब नहीं है और अकाउंट में मात्र 1.55 करोड़ रुपए ही बचे हैं. भाजपा नहीं चाहती है कि विधानसभा की कमेटियां एमसीडी के काले कारनामों पर निगरानी रख सकें.

‘आप’ विधायक सौरभ भारद्वाज ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हमने एक बार पहले भी कई दिनों तक यह मामला उठाया था. हमने बताया था कि किस तरह से भाजपा शासित दिल्ली के नगर निगम बार-बार दिल्ली के व्यापारियों को परेशान और उनसे करोड़ों रुपए की उगाही करने की नीयत से कन्वर्जन चार्ज और पार्किंग चार्ज का मामला उठाते हैं. पहले भी मॉनिटरिंग कमेटी का बहाना बनाकर एमसीडी ने करोड़ों रुपए दुकानदारों से वसूले थे. 

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उन्होंने कहा कि इस संबंध में हमने नगर निगम से पता किया तो पाया कि तीनों नगर निगमों ने कई हजार करोड़ रुपए कन्वर्जन और पार्किंग चार्ज के नाम पर इकट्ठा किए हैं. यह पैसा सिर्फ और सिर्फ उस मार्केट के विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकता है और यह सारा पैसा एस्क्रो अकाउंट के अंतर्गत जाता है, जिसको किसी और काम में खर्च नहीं कर सकते हैं. हमें पता चला है कि यह सारा पैसा इन्होंने खत्म कर दिया है और इस खाते में 10 प्रतिशत भी पैसा नहीं बचा है. 

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि इस संबंध में उत्तरी नगर निगम से हमने सवाल पूछे थे, तो हमें पता चला कि इसके अंदर एक हजार 7 करोड़ रुपए का कन्वर्जन चार्ज इकट्ठा किया गया था और मार्केट के अंदर पार्किंग आदि सुविधाओं पर मात्र 30 करोड़ रुपए खर्च किया गया. बाकी सारा पैसा कहां गया, इसकी कोई जानकारी नहीं है. इस खाते में मात्र एक करोड़ 55 लाख रुपए बचा है. यही हाल तीनों नगर निगमों का है. तीनों एमसीडी में कन्वर्जन और पार्किंग के नाम पर जो एक पैसा इकट्ठा किया गया, उसको एमसीडी अन्य कार्यों पर खर्च कर चुकी है. 

भारद्वाज ने कहा कि पिछली बार जब लोकसभा का चुनाव लड़ा गया, तब भाजपा ने दिल्ली के अंदर सब जगह होर्डिंग्स लगाए थे कि कन्वर्जन चार्ज माफ करने के लिए नरेंद्र मोदी जी को हार्दिक धन्यवाद और अब उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंदर यह नोटिस हर दुकानदार को दिए जा रहे हैं. इसी तरह से दक्षिण दिल्ली नगर निगम के अंदर भी नोटिस दिए जा रहे हैं. 

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बकौल आप नेता यह नोटिस कहता है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम की तरफ से अति आवश्यक सूचना. सभी दुकानदार, मालिक और व्यवसाइयों को सूचित किया जाता है कि वह अपने दुकान का कन्वर्जन और पार्किंग चार्ज आदि का भुगतान 31 मार्च 2021 से पहले अवश्य जमा करा दें. समय से भुगतान न करने पर डीएमसी एक्ट-1957 के तहत आपकी दुकान को सील किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. असुविधा से बचने के लिए तुरंत अपनी दुकान का कन्वर्जन और पार्किंग चार्ज संबंधित कार्यालय में जमा करा दें. 

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा शासित दिल्ली नगर निगमों के भाजपा पार्षदों ने अब दोबारा से दिल्ली के व्यापारियों के साथ लूट शुरू कर दी है. पिछले साल पूरे दिल्ली में व्यापारियों से जबरदस्ती होर्डिंग्स लगवाए गए थे कि मोदी जी का हार्दिक धन्यवाद, क्योंकि उन्होंने कन्वर्जन शुल्क माफ कर दिया है. इसके बावजूद भाजपा पार्षदों ने लूट शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि इसलिए भाजपा वाले नहीं चाहते हैं कि विधानसभा और विधानसभा की कमिटियां दिल्ली नगर निगम के इन काले कारनामों पर कोई भी निगरानी न रख सके. 


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