आतिशी के वीडियो को पंजाब सरकार ने बताया 'फेक', कोर्ट ने सभी सोशल प्लेटफॉर्म से हटाने के दिए आदेश

दिल्ली विधानसभा से जुड़े वीडियो मामले में जालंधर की अदालत ने पंजाब सरकार की याचिका पर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को वीडियो हटाने के आदेश दिए हैं. इस केस में कपिल मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी नहीं बनाया गया था, बल्कि केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ही पक्षकार बनाया गया.

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पंजाब सरकार ने कोर्ट में आतिशी के वीडियो को फर्जी बताया. (File Photo: PTI) पंजाब सरकार ने कोर्ट में आतिशी के वीडियो को फर्जी बताया. (File Photo: PTI)

अमन भारद्वाज / कमलजीत संधू

  • जालंधर,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:55 PM IST

दिल्ली विधानसभा वीडियो मामले में जालंधर की अदालत ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आतिशी का वीडियो हटाने के आदेश दिए हैं. पंजाब सरकार की ओर से कपिल मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति को केस में पार्टी नहीं बनाया गया था. सरकार ने सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ही पार्टी बनाया था. पंजाब सरकार ने कोर्ट में कहा कि आतिशी का वीडियो फर्जी है.

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वीडियो हटाने के निर्देश

जालंधर कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 'अप्लीकेंट (जो इस केस में पंजाब सरकार खुद है) का मानना है कि वीडियो डॉक्टर्ड है'. कोर्ट में केवल सरकार के वकील मौजूद थे. कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को पंजाब सरकार की बात मानते हुए वीडियो हटाने के लिए कहा है.

इस आदेश में कोर्ट ने वीडियो पर सवाल नहीं उठाए बल्कि साफतौर पर यह कहा कि 'सरकार का मानना है कि वीडियो डॉक्टर्ड है'. कुल मिलाकर पंजाब सरकार ने केस किया और केस में केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को पार्टी बनाया. पंजाब सरकार के वकील ने वीडियो डॉक्टर्ड होने की बात कही थी.

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली विधानसभा में 6 जनवरी 2026 को नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बहस के दौरान कुछ टिप्पणी की, जिसे बीजेपी ने सिख गुरुओं का अपमान बताया. बीजेपी विधायकों ने एक क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसमें दावा किया गया कि आतिशी ने 'गुरुओं' के बारे में अपमानजनक शब्द बोले, जो गुरु तेग बहादुर जी की बेअदबी है. कपिल मिश्रा ने इसे बार-बार दोहराया, आतिशी से माफी मांगने की मांग की और इसे 'पाप' व 'अपराध' बताया. 

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वहीं, आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि कपिल मिश्रा और अन्य बीजेपी नेताओं ने आतिशी का जो वीडियो शेयर करके सिख गुरुओं की बेअदबी के आरोप लागए हैं, वह डॉक्टर्ड है. यानी वीडियो से छेड़छाड़ की गई है. इसी आधार पर पंजाब पुलिस (जालंधर कमिश्नरेट) ने कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज की. पंजाब पुलिस ने मोहाली फॉरेंसिक लैब के हवाले से जो जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की, उसमें दावा किया गया कि वीडियो एडिटेड/डॉक्टर्ड है. आतिशी ने 'गुरु' शब्द ही नहीं बोला था. वीडियो में छेड़छाड़ करके गलत कैप्शन/शब्द जोड़े गए.

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