छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक गांव में दो समुदायों के सदस्यों के बीच हिंसा भड़क गई. बताया जाता है कि जमानत पर रिहा हुए तीन आरोपियों ने कुछ स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया. रविवार शाम को फिंगेश्वर पुलिस स्टेशन इलाके के दूधकैया गांव में हुई झड़पों के दौरान ग्रामीणों द्वारा पत्थरबाजी में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए.
पुलिस के अनुसार लगभग एक साल पहले गांव के एक मंदिर में मूर्ति तोड़ने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. जिनमें से एक की पहचान आरिफ के रूप में हुई है. जमानत पर रिहा होने के बाद वे ग्रामीणों को डरा-धमका रहे थे और मंदिर मामले से जुड़े गवाहों को परेशान कर रहे थे.
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रविवार सुबह आरिफ और दो अन्य ने चार से छह युवकों पर रॉड से हमला किया. आरोपियों ने उन पर पुलिस से शिकायत करने का आरोप लगाया, जिससे दो समुदायों के सदस्यों के बीच हिंसा भड़क गई. गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने कहा कि दूधकैया और दो आस-पास के गांवों में आरिफ और दो अन्य द्वारा कुछ लोगों पर हमला करने के बाद तनाव बढ़ गया.
इससे गुस्साए कुछ स्थानीय निवासियों ने आरोपियों के घरों को घेर लिया और उनमें आग लगा दी. जैसे ही हिंसा फैली, कुछ वाहनों में भी आग लगा दी गई और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं. झड़पों के दौरान पांच से छह पुलिसकर्मी घायल हो गए.
एसपी ने कहा कि गांव वालों पर हमला करने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं. व्यवस्था बहाल करने के लिए गांव में अतिरिक्त बल भेजा गया है. पुलिस ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और उस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
(राहुल ठाकुर के इनपुट के साथ)
सुमी राजाप्पन