नए साल से पहले सीआरपीएफ ने नक्सलियों के अरमानों पर पानी फेर दिया. पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों की जरा सी चूक कई जवानों को मौत की नींद सुला सकती थी.
दरअसल, बस्तर में पहली बार नक्सलियों ने कागज और लकड़ी से बने एक पुतले पर लगभग 18 किलो का एक्सप्लोसिव लगाया और डमी मानव वाला यह पुतला एक पेड़ के साहरे टिका दिया. उसके पास से सीआरपीएफ के जवान गुजर रहे थे और पुतला बम किसी खिलौने की तरह नजर आ रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे शायद बच्चे अपना खिलौना छोड़कर कहीं चले गए हैं.
CRPF ने बम को किया डिफ्यूज
बीजापुर जिले के बासागुड़ा के जंगल के भीतर से गुजर रहे सीआरपीएफ के जवानों की नजर जब इस पुतले पर पड़ी तो उन्हें पुतला देखकर शक हुआ. वह पुतले को गौर से देखने लगे. आमतौर पर इस तरह के पुतले खेत खलियानो में पशु, पक्षियों को भगाने कि लिए इस्तेमाल होते हैं. जंगल में पेड़ के नीचे रखे इस पुतले को देखकर सीआरपीएफ के दिखाई. पैनी निगाह से देखने पर वह समझ गए कि नक्सलियों ने बड़ी चालाकी से आईईडी लगाई है. सीआरपीएफ के एंटी बम स्क्वॉड ने मौके पर पहुंचकर चंद मिनटों में उसे डिफ्यूज किया. सीआरपीएफ 168 के जवानों के मुताबिक यह बम लगभग 18 किलो का था.
सुनील नामदेव