भागवत के बयान से RJD खफा, कहा- यह सेना का अपमान, मांगें माफी

संघ प्रमुख ने स्वयं सेवकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि हम मिलिट्री नहीं हैं लेकिन हमारा अनुशासन मिलिट्री जैसा ही है. उन्होंने ये भी कहा कि देश को अगर हमारी जरूरत पड़े और हमारा संविधान और कानून कहे तो सेना को तैयार होने में 6-7 महीने लगेंगे, लेकिन हम दो से तीन दिन में तैयार हो जाएंगे, ऐसा हमारा डिसिप्लिन हैं.

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संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ प्रमुख मोहन भागवत

अजीत तिवारी / सुजीत झा

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:21 PM IST

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर आरजेडी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. पार्टी के प्रवक्ता ने कहा है कि यह सीधे तौर पर भारतीय सेना का अपमान है, मोहन भागवत को इसके लिए देश की सेना से माफी मांगनी चाहिए.

संघ प्रमुख ने स्वयं सेवकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि हम मिलिट्री नहीं हैं लेकिन हमारा अनुशासन मिलिट्री जैसा ही है. उन्होंने ये भी कहा कि देश को अगर हमारी जरूरत पड़े और हमारा संविधान और कानून कहे तो सेना को तैयार होने में 6-7 महीने लगेंगे, लेकिन हम दो से तीन दिन में तैयार हो जाएंगे, ऐसा हमारा डिसिप्लिन हैं.

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आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि मोहन भागवत जी उसी आरएसएस के मुखिया हैं जिनका देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा. यह तो गोडसे को पूजने वाले लोग हैं. ऐसे में आरएसएस ने सीधे तौर पर भारतीय सेना का अपमान किया और इस बयान से आरएसएस ने देश और दुनिया में भारतीय सेना की ताकत को कम कर दिया.

उन्होंने कहा कि आरएसएस की सेना के सामने अब माननीय प्रधानमंत्री जी को और भारतीय जनता पार्टी के बड़बोले नेताओं को बयान देना चाहिए. यह कौन सी भाषा है, भारतीय सेना का अपमान करके RSS क्या बताना चाहती है. ये लोग देश को टुकड़े करने वाले लोग हैं. समाज को तोड़ने वाले लोग हैं.

उन्होंने कहा कि RSS की जिस विचारधारा का हम लोग विरोध करते रहे हैं, लालू प्रसाद जी विरोध करते रहे हैं, आज देख लीजिए मोहन भागवत जी का यह बयान बता रहा है कि किस तरह से ये लोग भारतीय सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रहे हैं. ऐसे लोगों को देश माफ नहीं करेगा और इसके लिए मोहन भागवत जी को देश की सेना से माफी मांगनी चाहिए.

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