बाढ़ से तबाह हो गया लोहना गांव, मदद के इंतजार में परिवार

बिहार के झंझारपुर अनुमंडल में स्थित कमला बलान नदी का तटबंध टूट जाने की वजह से बाढ़ का पानी लोहना गांव समेत कई अन्य गांव में घुस गया, जिसकी वजह से भारी तबाही मची.

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पीड़ित परिवार पीड़ित परिवार

रोहित कुमार सिंह

  • मधुबनी,
  • 17 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 8:28 PM IST

मधुबनी के झंझारपुर अनुमंडल में स्थित लोहना गांव में रहने वाले कपिलेश्वर राम का परिवार बाढ़ में पूरी तरह तबाह हो चुका है. कपिलेश्वर परिवार के राम को सरकारी मदद का इंतजार है, जो अब भी कोसों दूर है.

4 दिन पहले झंझारपुर अनुमंडल में स्थित कमला बलान नदी का तटबंध टूट जाने की वजह से बाढ़ का पानी लोहना गांव समेत कई अन्य गांव में घुस गया, जिसकी वजह से भारी तबाही मची.

कपिलेश्वर राम का घर बाढ़ में पूरी तरीके से बर्बाद हो गया. पहले तो कपिलेश्वर राम के घर में बाढ़ के पानी ने दस्तक देनी शुरू की और देखते ही देखते उसका पूरा फूस का घर पानी में बह गया. गांव की हालत इतनी बुरी थी कि चारों तरफ करीब 5 फीट पानी भरा हुआ था, जिसकी वजह से घर में रखा सब सामान नष्ट हो गया.

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आजतक की टीम बुधवार को कपिलेश्वर राम के घर पहुंची तो देखा कि उसका परिवार दयनीय स्थिति में था. खाने-पीने समेत सब समान पानी में बह गया था. कपिलेश्वर राम ने बताया क्योंकि उसका घर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-57 से काफी दूर था. इसी वजह से सरकारी मदद उसको अभी तक नहीं मिली थी.

कपिलेश्वर राम ने बताया कि जो भी गांव राष्ट्रीय राजमार्ग 57 के करीब थे, वहां के रहने वाले लोग राजमार्ग पर जाकर बस गए और उन्हें सरकारी मदद भी मिलनी शुरू हो गए, लेकिन उनके परिवार के साथ ऐसा नहीं हुआ क्योंकि उनका गांव राष्ट्रीय राजमार्ग से काफी दूर था.

कपिलेश्वर राम अपनी मां, पत्नी और 4 साल की बेटी के साथ गांव में ही रह रहे हैं जहां बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है. लेकिन अभी भी उसके घर के आसपास का इलाका पूरी तरीके से जलमग्न है. कपिलेश्वर राम ने बताया कि परिवार को खाना खिलाने के लिए वह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाते हैं, जहां पर मुट्ठी भर चूड़ा दिया जाता है.

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लोहना गांव के ही राजेंद्र राम की हालत भी ठीक वैसे ही है जैसे कि कपिलेश्वर राम की. राजेंद्र राम का घर भी पानी में डूबा हुआ है और उसने अपनी मां और छोटी बेटी के साथ जान बचाने के लिए पड़ोस की आशा देवी के यहां शरण ली हुई है, जिसका एक पक्का मकान है. हालांकि, आशा देवी का पक्का मकान चारों ओर से जलमग्न है. गौरतलब है, आशा देवी के घर में कई परिवारों ने शरण ली हुई है.

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