बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर हमले के आरोप में 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पटना के एसएसपी ने कहा कि काफिले पर पथराव करने वाले कई लोगों की पहचान की गई थी, जिसमें 13 लोगों को जेल भेज दिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. इस बीच हमले की इनसाइड स्टोरी निकल कर सामने आ रही है.
दरअसल, सीएम नीतीश कुमार के काफिले पर हमले के पीछे एक लड़के की हत्या वजह है. गौरीचक को सोहागी गांव के करने वाले सन्नी कुमार 7 अगस्त को लापता हो गए थे. सन्नी कुमार की तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला. 21 अगस्त को सनी कुमार की लाषश बेउर थाना क्षेत्र के नाले से बरामद की गई. लोग शव को सड़क पर रखकर हंगामा कर रहे थे.
सन्नी कुमार के परिजनों का आरोप था कि सन्नी घर से 7 अगस्त से गायब था, शिकायत के बाद गौरीचक थाना ने मामले के आरोपी से पैसा ले लिया और कार्रवाई नहीं की, पुलिस अगर एक्टिव रहती थी तो सन्नी को बचाया जा सकता है, थाना अध्यक्ष पर लापरवाही का केस कर कार्रवाई किया जाय और आरोपियों को सजा दिलाया जाये.
सन्नी के शव को सड़क पर रखकर हंगामा किया जा रहा था, तभी वहां सीएम नीतीश कुमार का काफिला आ गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि युवक की हत्या की गई है, इसलिए वे शव को सड़क पर रख कर विरोध कर रहे थे, जब सीएम का काफिला गुजर रहा था, तभी गुस्साए ग्रामीणों ने सीएम के काफिले पर पथराव किया जिसमें कई वाहनों के शीशे टूट गए.
गौरतलह है कि रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्केड में चलने वाले वाहनों पर पथराव किया गया. किस्मत की बात यह रही थी जिस वक्त मुख्यमंत्री के कारकेड में चलने वाली गाड़ियों पर हमला हुआ उस वक्त नीतीश कुमार इस काफिले में मौजूद नहीं थे. गौरीचक के सोहागी गांव में हुए इस हमले में सीएम के काफिले के 3-4 वाहनों के शीशे टूट गए.
घटना रविवार शाम 5 बजे हुई थी. यह काफिला सोमवार को सीएम के दौरे के लिए एडवांस पार्टी के तौर पर गया जा रहा था. नीतीश आज गया में निर्माणाधीन रबर डैम का निरीक्षण करने जाने वाले हैं और जिले में सूखे की स्थिति पर एक बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे. नीतीश आज हेलीकॉप्टर से गया जाएंगे और एक दिन पहले ही गाड़ियों का काफिला जा रहा था.
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