भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के फायर ब्रांड नेता और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा के सहयोग से चल रही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया. यह विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को खूब रास आ रहा है, वहीं सूबे की सरकार की अगुवा जनता दल यूनाइटेड (जदयू) असहज हो गई है. जेडीयू ने गिरिराज को ट्विटर की सियासत छोड़ने की सलाह दी है.
बेगूसराय में बेकाबू अपराध को लेकर स्थानीय सांसद का ट्वीट कर कानून व्यस्था पर सवाल उठाना जदयू को तनिक भी रास नहीं आया. जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गिरिराज बार-बार किसी न किसी बहाने गठबंधन धर्म को लेकर पहले भी आरोप लगाते रहे हैं. गठबंधन धर्म के निर्वहन में उनकी ओर से ईमानदारी नहीं बरती जा रही. इस ट्वीट के जरिये उन्होंने अपना पुराना रूप दोहराया.
ऐसे बयान गिरिराज की पहचान
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि इन सवालों को लेकर अगर इतनी ही चिंता है तो उन्हें प्रशासन की मदद लेनी चाहिए, ट्विटर पर सियासत नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान गिरिराज सिंह की पहचान बन गए हैं. राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से परिचित है. इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और पूरी तत्परता से आरोप पत्र दायर करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं. राजीव रंजन ने कहा कि ऐसे मामलों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बयानों से जो भी राजनीति करना चाहते हैं, उनकी पार्टी के नेताओं को भी समझ आ रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे बयानबाजी करने की बजाय पार्टी फोरम में बात रखें तो ज्यादा अच्छा होगा.
राजद ने कहा, खोल दी पोल
गिरिराज के ट्वीट पर राजद ने कहा है कि जब कानून व्यवस्था ध्वस्त है, गिरिराज सिंह को लोगों की इतनी ही चिंता है तो वह राष्ट्रपति शासन क्यों नही लगवा दे रहे. राजद नेता मृत्यंजय तिवारी ने कहा कि बिहार की कानून व्यवस्था की पोल प्रधानमंत्री मोदी के कैबिनेट मंत्री गिरिराज सिंह ने ही खोल कर रख दी है. उन्होंने गिरिराज पर भी तंज करते हुए कहा कि आपके राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कप्तानी में 2020 का चुनाव लड़ेंगे और आप कह रहे हैं कानून व्यवस्था ध्वस्त है. अब कौन सही बोल रहा है? नीतीश कुमार के मंत्री कानून के राज का दावा कर रहे हैं. पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार को जवाब देना होगा. राजद नेता ने कहा कि केवल ट्वीट करने से लोगों को तसल्ली नहीं मिलेगी. इसका खामियाजा भुगतना होगा. जनता ने उपचुनाव में धूल चटाी है और विधानसभा चुनाव में भी सफाया होगा.
गिरिराज ने क्या ट्वीट किया था?
गिरिराज ने ट्वीट किया था कि बेगूसराय में अपराध चरम पर है. हाल यह है कि एक पीड़ित से मिलने जाता हूं तब तक दूसरी हत्या हो जाती है. पिछले 72 घंटे में बेगूसराय में 10 लोगों पर गोली चली है, जिसमें 7 मौत हुई है.
गौरतलब है कि गिरिराज पहले भी नीतीश सरकार पर हमलावर रहे हैं. चाहे बाढ़ राहत का मामला हो या फिर कानून व्यवस्था की बात, लेकिन हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर से नीतीश कुमार की कप्तानी में ही 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद गिरिरराज ने चुप्पी साध ली थी.
सुजीत झा