विपक्ष ने बंद को हिंसात्मक रूप देकर अपनी हताशा जाहिर की: सुशील मोदी

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जिस कांग्रेस ने बाबू जगजीवन राम को प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नहीं बनने दिया, उसके अध्यक्ष राहुल गांधी को दूसरों के डीएनए में दलित-दमन खोजने की जरूरत नहीं है.

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सुशील मोदी सुशील मोदी

सुजीत झा / वरुण शैलेश

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 10:10 PM IST

भारत बंद के मसले पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बंद को हिंसात्मक रूप देकर अपनी हताशा जाहिर की है.

सुशील मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत बंद की घोषणा से पहले ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 में किसी भी तरह के बदलाव के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर करने की घोषणा की थी. सोमवार को जिस समय दलितों को गुमराह कर सड़क पर उपद्रव किए जा रहे थे, उस समय कोर्ट में सरकार याचिका दायर कर रही थी. उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर लगभग सभी दल एक मत हैं, उस पर एनडीए सरकार को निशाना बनाना और लोगों को तोड़फोड़ के लिए उकसाना बेहद गैरजिम्मेदाराना हरकत थी.

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बीजेपी नेता ने ट्वीट कर कहा है कि विपक्ष ने बंद को हिंसात्मक तेवर देकर केवल अपनी हताशा ही जाहिर की. एनडीए सरकार ने दलित समाज के व्यक्ति को सम्मान देने के लिए उन्हें राष्ट्रपति के सर्वोच्च आसन तक पहुंचाया. देश की राजधानी में भारतरत्न भीमराव अंबेडकर का स्मारक बनवाया. उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने बाबू जगजीवन राम को प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नहीं बनने दिया, उसके अध्यक्ष राहुल गांधी को दूसरों के डीएनए में दलित-दमन खोजने की जरूरत नहीं है.

मांझी पर साधा निशाना

सुशील कुमार मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जिस दलित नेता को नीतीश कुमार ने राजनीतिक हाशिये से उठाकर सीएम बनवाया, वे भी मुख्यमंत्री को दलित विरोधी बताने के झूठे नारों में सुर मिलाते हुए उन लोगों के साथ खड़े थे, जिनके 15 साल के राज में हुए नरसंहारों के दौरान 46 दलितों की जान गई. एससी/एसटी एक्ट को कागजों तक सीमित रखने के लिए कांग्रेस और आरजेडी को माफी मांगनी चाहिए. लोग भूल गए कि बिहार में दलितों को 5 डिस्मल जमीन देने का फैसला एनडीए सरकार का था.

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बीजेपी सरकार की निंदा

वहीं आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने भारत बंद के दौरान झारखंड पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है. साथ ही उन्होंने राज्य की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा.

तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए कहा कि झारखंड की अमानवीय भाजपा सरकार ने मासूम आदिवासी छात्राओं पर कहर बरपा दिया. रांची में महिला हॉस्टल में घुसकर आदिवासी लड़कियों को ज़बरदस्ती खींच-खींचकर बुरी तरह पीटा गया. नादान छात्राओं को बर्बरतापूर्वक पीटने के लिए मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए.

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