दिल्ली, जादवपुर समेत देश के कई हिस्सों में जेएनयू के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी का विरोध हो रहा है. कन्हैया के गृह राज्य बिहार के कई नेता भा छात्र नेता के समर्थन में उतर चुके हैं, वहीं अब बिहार के भोजपुर जिले में आरा की जेल के अंदर बंद करीब 45 कैदी दर्ज कराने के लिए अनशन पर चले गए हैं. उन्होंने दो दिनों तक अनशन करने का फैसला किया है.
कोर्ट में पेशी का बहिष्कार
इतना ही नहीं, सभी कैदियों ने कर दिया है. जेल प्रशासन उन्हें समझाने और अनशन छोड़ने के लिए समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वो अपनी बात पर अड़े हुए हैं.
कन्हैया कि रिहाई की मांग
ये सभी कैदी आईसा और सीपीआई के समर्थक बताए जा रहे हैं. उनका कहना है कि कन्हैया निर्दोष है और उसके खिलाफ साजिश की जा रही है. कैदियों ने कन्हैया की जल्द से जल्द रिहाई की मांग की है.
दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में 9 फरवरी को संसद हमलों के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर कथित तौर पर नारेबाजी करने का आरोप है. पुलिस ने देशद्रोह के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में उमर खालिद समेत कई और छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उनकी तलाश की जा रही है.
मोनिका शर्मा