Holding Urine side effects: पेशाब रोकने की आदत है खतरनाक, किडनी और ब्लैडर को हो सकता है बड़ा नुकसान

पेशाब (यूरिन) रोकने से कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं लेकिन फिर भी लोग मीटिंग, ऑफिस काम, ट्रैफिक आदि के कारण अपनी यूरिन को रोके रखते हैं. लेकिन ऐसा करने से शरीर पर क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं, इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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यूरिन रोकना सेहत के लिए काफी खतरनाक होता है. (Photo: ITG) यूरिन रोकना सेहत के लिए काफी खतरनाक होता है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:16 AM IST

बिजी वर्क शेड्यूल हो, ट्रेफिक में फंसे हों, मीटिंग में हों या कुछ काम कर रहे हों, ऐसे में कई बार लोग अपनी यूरिन को घंटों तक रोके रखते हैं. हालांकि देखने में आपको ये आदत कॉमन लग रही होगी लेकिन यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक, ऐसा करना पुरुष और महिला दोनों के लिए काफी खतरनाक हो सकता है और शॉर्ट-लॉन्ग टर्म में आपकी हेल्थ पर नेगेटिव असर डाल सकते हैं. अच्छी और हेल्दी लाइफ के लिए आपको पेशाब क्यों नहीं रोकना चाहिए, इस बारे में जानना भी बेहद जरूरी है.

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क्या कहते हैं डॉक्टर?

मुंबई के सैफी हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. मंगेश पाटिल का कहना है, ब्लैडर (मूत्राशय) सामान्यतः आंशिक रूप से भरा होने पर यूरिन को आराम से रोक सकता है. यदि ब्लैडर लंबे समय तक अत्यधिक भरा रहता है तो यूरिनरी सिस्टम पर प्रेशर बढ़ जाता है. कम समय में इससे पेट के निचले हिस्से में दर्द, यूरिनरी ट्रेक में जलन, यूरिन रेटेंशन और यूरिनरी ट्रेक इंफेक्शन की संभावना बढ़ सकती है. महिलाएं विशेष रूप से संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं क्योंकि मूत्र मार्ग के बार-बार खाली न होने पर बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं.

ट्रेवलिंग के दौरान कई लोग सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करना पसंद नहीं करते और जानबूझकर कई घंटों तक पेशाब जाने से बचते हैं. इस आदत से डिहाइड्रेशन यूरिन में यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने लगते हैं और ब्लैडर की झिल्लियों में जलन हो सकती है. कुछ लोगों को पेशाब करने की तीव्र इच्छा होती है तो उन्हें पेशाब लीक हो सकता है या ब्लैडर में गंभीर ऐंठन हो सकती है.

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लॉन्ग टर्म साइड इफेक्ट?

लॉन्ग टर्म साइड इफेक्ट अधिक गंभीर हो सकते हैं. ब्लैडर के मसल्स कमजोर हो सकते हैं और लंबे समय तक पेशाब रोके रखने से ब्लैडर का कार्य प्रभावित हो सकता है. समय के साथ ब्लैडर पूरी तरह से खाली होने में मुश्किल हो सकती है जिससे यूरिन का जमाव हो सकता है. मूत्र का ठहराव हो सकता है जिससे बार-बार संक्रमण और मूत्राशय में पथरी हो सकती है. समय के साथ संवेदनशील व्यक्तियों में लगातार हाई ब्लैडर प्रेशर के कारण किडनी भी प्रभावित हो सकती है.

प्रोस्टेट वाले मरीज, डायबिटीज पैशेंट, गर्भवती महिलाएं, बच्चों और बुजुर्ग पुरुषों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि वे यूरिन संबंधी समस्याओं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं.

पेशाब को लंबे समय तक रोककर नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह एक स्वस्थ आदत नहीं है. ब्लैडर और किडनी हेल्थ को बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीना, बार-बार पेशाब करना (हर 3-4 घंटे में) और साफ-सुथरे शौचालयों वाले होटलों या रेस्तरां में रुक-रुक कर पेशाब करने की आदत डालें. 

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