प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कथित इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी है. इसे शेयर करते हुए कुछ कह रहे हैं कि इस इंटरव्यू में उन्हें सार्वजनिक तौर पर लज्जित होना पड़ा.
इस को देखकर ऐसा लगता है कि किसी भव्य सेट पर पीएम मोदी का इंटरव्यू चल रहा है. इसमें एक शख्स कहता है, "बहुत दुख हुआ सर आपसे बात करके, लेकिन विदा मैं एक शेर के साथ करना चाहूंगा. इरतिजा निशात का शेर है, कि, कुर्सी है, तुम्हारा ये जनाजा तो नहीं, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते? फिर कैमरा दर्शकों की तरफ घूमता है. इसके बाद पीएम मोदी कहते हैं, "मुझे पता नहीं था कि कवि के भीतर भी कोई पत्रकार बैठा होता है." इसके बाद लोगों के हंसने की आवाजें आती हैं.
इस का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.
कई लोग इसे पीएम मोदी का असली इंटरव्यू समझ रहे हैं. जहां कुछ लोग इंटरव्यू लेने वाले शख्स की हिम्मत की दाद दे रहे हैं, वहीं कुछ कह रहे हैं कि इस तरह की बेइज्जती से बचने के लिए ही पीएम मोदी कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो पीएम मोदी के किसी असली इंटरव्यू का नहीं है. इसे राजस्थान के एक यूट्यूबर कुमार श्याम ने साल 2021 में कोरोना महामारी की समस्या सामने रखने के लिए बनाया था. इसमें पीएम मोदी वाले जो सीन दिखाई पड़ते हैं, वो साल 2018 में हुए एक कार्यक्रम के वीडियो से लिए गए हैं.
कुमार श्याम ने खुद 'आजतक' से इस बात की पुष्टि की है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कीवर्ड सर्च करने पर हमें पता लगा कि इसे साल में कई लोगों ने सोशल मीडिया शेयर किया था. इतनी बात तो यहीं साबित हो जाती है कि ये हाल-फिलहाल का नहीं हो सकता.
वायरल वीडियो में एक जगह 'भारत की बात' लिखा हुआ नजर आता है.
इस जानकारी की मदद से सर्च करने पर हमें प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो के यूट्यूब चैनल पर 20 अप्रैल, 2018 को पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला. इस वीडियो में नजर आ रहा इंटरव्यू का सेट और पीएम मोदी के कपड़े एकदम वायरल वीडियो जैसे हैं.
इस वीडियो में करीब 17 मिनट पर पीएम मोदी कहते हैं, “मुझे पता नहीं था कि कवि के भीतर भी कोई पत्रकार बैठा होता है.”
वीडियो में पीएम का इंटरव्यू लेते दिख रहे शख्स ने क्या बताया?
2021 में कई फेसबुक ने वायरल वीडियो वाला पूरा इंटरव्यू शेयर करते हुए लिखा था कि इसमें जो व्यक्ति पीएम का इंटरव्यू लेता दिख रहा है, उसका नाम कुमार श्याम है. इस इंटरव्यू में तकरीबन 10 मिनट 25 सेकंड पर वायरल वीडियो वाला हिस्सा देखा जा सकता है.
कुमार श्याम ने 27 अप्रैल, 2021 को ये वीडियो अपने चैनल पर पोस्ट किया था. हालांकि अब इसमें वायरल वीडियो वाला हिस्सा नहीं है.
इस वीडियो की शुरुआत में एक डिस्क्लेमर नजर आता है जिसमें साफ-साफ लिखा है कि ये प्रधानमंत्री मोदी का असली इंटरव्यू नहीं है और इसे एक दूसरे कार्यक्रम की वीडियो क्लिप्स की मदद से बनाया गया है.
हमने इस बारे में जानकारी पाने के लिए कुमार श्याम से संपर्क किया. उन्होंने हमें बताया कि ये वीडियो उन्होंने कोरोना काल के दौरान लोगों की दिक्कतों को लेकर अपना पक्ष रखने के लिए बनाया था.
श्याम ने आगे बताया, “मेरा मकसद व्यंगात्मक अंदाज में अपनी बात सबके सामने रखने का था. लेकिन फिर मुझे पता लगा कि कुछ लोग मेरे वीडियो का एक हिस्सा बिना डिस्क्लेमर के शेयर कर रहे हैं. इस वजह से कई लोग भ्रमित हो रहे थे और इसे पीएम मोदी का असली इंटरव्यू समझ रहे थे. ये देखकर मैंने पहले तो अपना वीडियो प्राइवेट कर लिया. बाद में, वीडियो के वायरल हो रहे हिस्से को एडिट करके हटा दिया ताकि लोग इसका गलत इस्तेमाल न कर पाएं.”
कुल मिलाकर बात साफ है, साल 2021 में एडिटिंग की मदद से बनाए गए एक वीडियो को लोग पीएम मोदी का असली इंटरव्यू समझ रहे हैं और उनका मजाक उड़ा रहे हैं.
ज्योति द्विवेदी