सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक घर में कोहराम मचा हुआ है. एक व्यक्ति चारपाई पर बैठा है, उसके हाथों और चेहरे पर खून की छीटें दिख रही हैं. जमीन पर भी खून फैला हुआ है. पास में ही जमीन पर कपड़े से ढंका एक बच्चा पड़ा है. कुछ लोग अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उस व्यक्ति को पकड़ते दिख रहे हैं.
इस ह्रदय विदारक वीडियो के साथ है कि अजमल खान नाम के एक व्यक्ति को एक हिंदू लड़की पंसद आ गई थी. वह शादी करने के लिए रिश्ता लेकर उसके घर जा पहुंचा. लड़की के पिता ने इस रिश्ते को ठुकराते हुए उसे भगा दिया तो अजमल खान हथियार लेकर दोबारा पहुंचा और पूरे हिंदू परिवार को मार दिया.
वीडियो पोस्ट करते हुए एक ट्वीटर यूजर ने लिखा, "राज्यस्थान मे एक मुस्लिम हुआ बेकाबू अजमल खान को एक हिन्दु परिवार की लड़की पसंद आ गई और वो शादी करने के लिए पहुचा उसके घर रिश्ता ले के फिर लड़की के बाप ने उसे धमका के भगा दिया कहा तुम मुस्लिम हम हिन्दु है और हम ये गलत काम नहीं करेंगे फिर अजमल खान अगले दिन गया हथियार लेके और उस हिन्दु परिवार के सारे लोगो को मार आया और अड़ोस पङोस के हिंदू बस तमाशा देखते रहे। फिर कुछ ने उस मुल्ले को पकड़ा और पुलिस के हवाले किया 😓😓😡😡!" पोस्ट का आर्काइव देखा जा सकता है !
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है. ये वीडियो 14 जुलाई 2021 का और राजस्थान के अजमेर का है. वीडियो में दिख रहे शख्स का नाम अजीत चीता है और उसकी पत्नी का नाम कविता है. अजीत आर्थिक तंगी और पत्नी की बीमारी से अवसाद में था. इस वजह से उसने अपने ही पूरे परिवार को और खुद को मारने की कोशिश की. उसकी दोनों बेटियों की मौत हो चुकी है. खुद उसका और उसकी पत्नी का अजमेर और व्यावर के अस्पताल में इलाज चल रहा है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो को रिवर्स सर्च और कुछ कीवर्ड्स की मदद से खोजने पर हमें कई मिलीं. इन रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के अजमेर जिले के खरवा गांव में रहने वाले अजीत चीता नामक युवक ने अपनी दो बेटियों और पत्नी को मारने की कोशिश की. बाद में उसने खुद को भी घायल कर लिया था. इस बर्बरतापूर्ण हत्याकांड का कारण अजीत की बेरोजगारी, आर्थिक तंगी और उसकी पत्नी कविता की तबीयत खराब रहना बताया गया है. हमें ऐसी कोई भी खबर नहीं मिली जिसमें कहीं पर भी इस घटना के सांप्रदायिक होने का जिक्र हो.
हमने इस केस के जांच अधिकारी और अजमेर के ब्यावर सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह जोधा से बात की. उन्होंने बताया कि पोस्ट में किया गया दावा एकदम बेबुनियाद है. जिस व्यक्ति ने इस घटना को अंजाम दिया उसका नाम अजीत चीता है और उसकी पत्नी का नाम कविता देवी है. आरोपी अजीत चीता ने पुलिस को बताया कि कोरोना लॉकडाउन की वजह से वह आर्थिक संकट से जूझ रहा था. उसकी पत्नी कविता की तबीयत भी खराब रहती थी. कुछ दिन पहले ही कविता का ऑपरेशन हुआ था. इस वजह से बच्चों की देखभाल और घर के सारे काम उसे ही करने पड़ रहे थे. इन सब वजहों से वह बहुत परेशान चल रहा था.
पुलिस के मुताबिक, घरेलू वजहों से परेशान होकर 14 जुलाई की सुबह लगभग 11 बजे अजीत ने किसी बात पर पहले अपनी पत्नी कविता पर चाकू से कई वार किए. जब वह चिल्लाने लगी उसकी 7 साल की बेटी अन्नू व 5 साल की बेटी एंजल भी आ गईं. गुस्साए अजीत ने उन दोनों पर भी चाकू से हमला कर दिया और इसके बाद खुद के गले व हाथ पर भी चाकू से वार कर जान देने की कोशिश की. घर में चीखने-चिल्लाने की आवाज सुन आस-पड़ोस के लोग पहुंचे तो दंग रह गए. उन्होंने पुलिस को सूचना दी. इस घटना में दोनों बेटियों की मौत हो चुकी है. पति और पत्नी दोनों का अलग-अलग अस्पताल में उपचार चल रहा है.
जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह जोधा ने यह भी बताया कि कविता हिंदू है और अजीत राजस्थान के चीता मेहरत समुदाय से संबंध रखता है. अजीत के पिता का नाम इब्राहिम चीता है, लेकिन इनके परिवार में अधिकतर लोग हिंदू धर्म को ही मानने वाले हैं. ये है कि इसमें हिंदू और इस्लाम दोनों धर्मों को माना जाता है. यहां तक कि एक ही परिवार में दोनों धर्मों को मानने वाले लोग हो सकते हैं. इस समुदाय में पिता का नाम रमेश तो बेटे का नाम जावेद भी हो सकता है. हालांकि, ये हत्याकांड सांप्रदायिक बिल्कुल भी नहीं था. अजीत ने कविता से करीब 10 साल पहले लव मैरिज की थी. वे दोनों सालों से एक किराये के घर में रहते थे.
हमें इस घटना से संबंधित भी मिला जिसमें इस घटना के बारे में विस्तृत में जानकारी दी गई थी.
AFWA ने खरवा गांव में ही रहने वाले अजीत चीता के मकान मालिक शिवराज माली से भी बात की. उन्होंने भी कहा कि अजीत, उसकी पत्नी और उसके दो बच्चे करीब 5 सालों से हमारे यहां किरायेदार थे. वह एक फाइनेंस कंपनी में लोन रिकवरी डिपार्टमेंट में काम करता है और इतने सालों से हमने कभी उन्हें लड़ते-झगड़ते नहीं देखा. अजमेर के ही रुदलई गांव में रहने वाले अजीत के ममेरे भाई ओम प्रकाश और यशपाल सिंह से भी हमारी बात हुई. उन्होंने भी पोस्ट में किए गए दावे को काल्पनिक बताया.
जाहिर है कि अपनी दो बेटियों की हत्या करने और पत्नी को घायल करने की घटना को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया जा रहा है. वीडियो के साथ शेयर की जा रही ये कहानी पूरी तरह मनगढ़ंत है कि हिंदू लड़की शादी न होने पर मुस्लिम लड़के ने लड़की के पूरे परिवार को मार डाला.
अनिल कुमार