बुर्का पहने हुए दो महिलाओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दोनों महिलाएं किसी सुपरमार्केट में अपने कपड़ों में छुपाया हुआ सामान निकाल कर बाहर रख रही हैं. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ये औरतें रमजान के दौरान ‘इफ्तार’ के लिए खाने-पीने का सामान चुरा रही थीं. वीडियो में दोनों महिलाओं को कुछ पुरुषों ने घेर रखा है और ऐसा लग रहा है कि उन्हें सुपरमार्केट से सामान चोरी करते हुए पकड़ा गया है.
इस वीडियो को शेयर करते हुए इसके साथ तंज किया गया है, “रमज़ान चल रहे है रोज़ा अफ्तारी के लिए कुछ सामान लिया था काफिरों ने बुर्खे में से भी निकलबा लिया।” इस पोस्ट से ऐसा संदेश जा रहा है कि यह वीडियो हाल ही में रमजान के दौरान का है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये वीडियो पिछले अगस्त में लंदन में शूट किया गया था और इसका फिलहाल चल रहे रमजान के मौसम से कोई लेना-देना नहीं है. यह पोस्ट और पर वायरल है. पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.
AFWA की पड़ताल
की-वर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमने पाया कि इस वीडियो से संबंधित कई खबरें नेट पर मौजूद हैं. “” की खबर के मुताबिक, यह घटना पूर्वी लंदन के डेगनहम में एक एस्डा स्टोर में हुई, जहां बुर्का पहने हुए दो महिलाओं को चोरी करते हुए पकड़ा गया था. यह रिपोर्ट 7 अगस्त, 2019 को छपी थी.
लंदन के एक स्थानीय समाचार पत्र "" ने भी पिछले साल अगस्त में हुई घटना के बारे में खबर प्रकाशित की थी. हमने पाया कि इसी तरह का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर इसी दावे के साथ वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दिख रहा है कि बुर्का पहले हुए दो महिलाएं अपने कपड़े से चॉकलेट और अन्य सामान निकाल कर बाहर रख रही हैं. ऐसा लग रहा है कि यह वीडियो किसी दूसरे सुपरमार्केट का है.
हमें इस वीडियो के बारे ज्यादा कुछ पता नहीं चल सका लेकिन यह वीडियो भी है क्योंकि यह पिछले साल सितंबर से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पड़ताल से स्पष्ट है कि बुर्का पहने हुए महिलाओं द्वारा चोरी का पुराना वीडियो इस तरह के दावे के साथ शेयर किया गया है जैसे कि यह मौजूदा रमजान के दौरान की घटना हो.
अर्जुन डियोडिया