मस्जिद तोड़े जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है. कई लोगों का कहना है कि ये नेपाल की हालिया घटना है जहां मुस्लिमों के पत्थरबाजी करने पर हिंदुओं ने उनकी मस्जिद तहस-नहस कर दी.
वीडियो में दिखाई देता है कि एक मशीन की मदद से मस्जिद जैसी दिखने वाली एक इमारत को तोड़ा जा रहा है. पास की सड़क से गुजरते हुए कुछ लोग भी दिख रहे हैं.
कुछ लोग इसे शेयर करते हुए बताकर मुस्लिम समुदाय के लोगों पर तंज कस रहे हैं कि पत्थरबाजी की यही सजा है. मिसाल के तौर पर, एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “नेपाल में धनुषा के सखुवा में मस्जिद स्वाहा. नेपाल के हिंदुओं को भी पता हे पत्थरबाजी की एक ही सजा अवैध मस्जिद जमीन से जुदा जमींन से जुदा. नेपाल के हिंदु ने शांतिदूतों को जवाब देना सिख लिया हे.”
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
दरअसल हाल ही में नेपाल के धनुषा जिले में हिंदू आस्था के खिलाफ एक कथित टिकटॉक वीडियो को लेकर बवाल हो गया था. इसके बाद यहां एक मस्जिद में तोड़फोड़ की गई जिसके बाद से धनुषा और आसपास के इलाकों में भारी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई. वायरल वीडियो को भी इसी संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो पाकिस्तान का है जहां प्रशासन के आदेश पर सियालकोट के डस्का में स्थित एक मस्जिद को तोड़ दिया गया था.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमने पाया कि ढेरों पाकिस्तान अकाउंट्स ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे पाकिस्तान का बताया है. ऐसे ही एक वेरिफाइड एक्स यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा, “डस्का की सबसे पुरानी मस्जिद, नूर मस्जिद, शहीद कर दी गई.” डस्का, पाकिस्तान के सियालकोट जिले में स्थित एक शहर है.
इस मस्जिद को तोड़े जाने के कई अलग-अलग एंगल से रिकॉर्ड किये गए वीडियो भी पाकिस्तानी अकाउंट से शेयर किए गए हैं जिन्हें यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है. इसके अलावा, कई अलग-अलग वीडियो में, पाकिस्तानी नेताओं की तस्वीर वाला एक कॉमन होर्डिंग नजर आता है. इस होर्डिंग में उर्दू भाषा में डस्का जगह का नाम लिखा हुआ है. इससे साफ पता चलता है कि ये सभी वीडियो एक ही जगह यानि डस्का की इस मस्जिद के ही हैं.
पाकिस्तानी न्यूज आउटलेट JMC News के मुताबिक डस्का के जैसरवाला इलाके में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक अभियान चलाया गया था. इसी जगह कॉलेज रोड पर स्थित नूर मस्जिद को भी अतिक्रमण के चलते तोड़ दिया गया. Urdu Point की वीडियो रिपोर्ट में इससे संबंधित कवरेज देखी जा सकती है. इन रिपोर्ट्स में भी उस होर्डिंग को देखा जा सकता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डस्का की असिस्टेंट कमिश्नर सादिया जाफर की देखरेख में जैसरवाला इलाके में एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया. ऑपरेशन के दौरान लगभग गैर-कानूनी रूप से बनीं 60 दुकानें और 16 घरों पर कार्रवाई की गई. इसके लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया, जबकि कई लोगों ने अपनी मर्जी से कब्जे हटाना शुरू कर दिया था.
सियालकोट पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए बताया कि जिला प्रशासन, डस्का के कॉलेज रोड स्थित जामिया नूर मस्जिद के एक हिस्से को फिर से बना रहा है. पोस्ट में आगे लिखा है कि प्रशासन ने यहां एक बैनर भी लगाया है जिस पर लिखा है, “इस मस्जिद को नए सिरे से बनाने के लिए शहीद किया जा रहा है.” लोगों से अनुरोध है वो ऐसे किसी भी तरह के नकारात्मक प्रोपेगेंडा को न सुनें जिससे देश में अशांति या धार्मिक नफरत फैल सकती है.
यानि साफ है कि नेपाल में एक मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद सांप्रदायिक तनाव जरूर फैला है. लेकिन वायरल हो रहा ये वीडियो पाकिस्तान का है.
अभिषेक पाठक