पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को वोटिंग हुई. बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर बंपर मतदान हुआ. वहीं कई जगह हिंसा की भी घटनाएं हुईं.
इसी संदर्भ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया. वीडियो में कुछ लोग इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं. अफरातफरी के बीच सुरक्षाबल के लोग कुछ लोगों को हिरासत में लेते हुए भी दिखाई देते हैं. वीडियो में लोग बांग्ला में बात कर रहे हैं. इसमें एक बोर्ड भी नजर आता है जिसमें बांग्ला में कुछ लिखा हुआ है.
ऐसे में इस वीडियो को कई लोग पश्चिम बंगाल का मान रहे हैं. इसे शेयर करने वालों ( https://archive.is/n8e5u ) का कहना है कि इसमें दिख रहे लोग टीएमसी के कार्यकर्ता थे जो बूथ कैप्चर करने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन सेना ने इन्हें रंग हाथ पकड़कर इनकी जमकर पिटाई कर दी.
एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “सेना ने तमाम गुंडे दंगाइयों की जमकर की कुटाई, बूथ कैप्चरिंग की कर रहे थे कोशिश और यह ऐसी कोई एक घटना नहीं आज ऐसी सैकड़ों घटनाएं सामने आईं. भारतीय सेना आगे सभी राष्ट्रभक्त तुम्हारे साथ हैं.” हालांकि इस शख्स ने साफतौर पर ये नहीं बताया कि वीडियो कहां का है.
इसका आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो बांग्लादेश का है जहां आम चुनाव से पहले एक सरकारी स्कूल में मॉक अभ्यास कराया गया था.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो में दिख रहे बोर्ड पर बांग्ला में कुछ लिखा हुआ है. गूगल लेंस से ट्रांसलेट करने पर पता चला कि ये बांग्लादेश में 13 वें आम चुनाव से पहले एक मॉक अभ्यास से संबंधित है. ये अभ्यास दिघिनाला उपजिला के रसिक नगर में एक सरकारी स्कूल में किया गया था.
इतनी जानकारी के साथ हमें गूगल मैप्स के स्ट्रीट व्यू पर भी हूबहू यही लोकेशन मिल गई. इसमें नजर आ रही स्कूल की हरी बिल्डिंग वही है जो वायरल वीडियो में भी देखी जा सकती है.
साफ है कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है.
हमें इस अभ्यास से संबंधित कई बांग्लादेशी आउटलेट्स की रिपोर्ट्स मिलीं. The Daily Amar Bangladesh, Bortaman Bangla समेत कई आउटलेट्स ने फरवरी में इस पर खबरें की थीं .
इन खबरों के मुताबिक आम चुनाव के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को सुनिश्चित करने के लिए दिघिनाला जोन के रसिक नगर सरकारी प्राथमिक विद्यालय में ये चुनाव अभ्यास आयोजित किया गया था.
फैक्ट चेक ब्यूरो