सोशल मीडिया पर एक फोटो लोगों का काफी ध्यान खींच रही है जिसमें यूनिफॉर्म में एक सैनिक एक आदमी को सैल्यूट कर रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह सैनिक इजरायल के प्रधानमंत्री का बेटा है जो सेना में सेवा दे रहा है, जबकि भारत में इसके उलट, नेताओं के बेटे विलासिता का जीवन जीते हैं और बाद में राजनीति में आ जाते हैं.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह पोस्ट गुमराह करने वाली है. फोटो में दिख रहा सैनिक बेशक इजरायली सेना का जवान है, लेकिन वह इजरायल के किसी प्रधानमंत्री का बेटा नहीं है.
यह पोस्ट फेसबुक पेज ने बुधवार को शेयर की है. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर इस तरह की और भी पोस्ट शेयर की जा रही हैं.
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें कुछ खबरें मिलीं जिनमें इस फोटो का इस्तेमाल हुआ है. की एक खबर के मुताबिक, तस्वीर में दिख रहा आदमी Gilad Shalit नाम का इजरायली सैनिक है, जिसे कट्टरपंथी संगठन हमास ने 25 जून, 2006 से बंदी बनाकर रखा था और वह 18 अक्टूबर, 2011 को इजरायल वापस लौटा था.
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सैनिक Gilad Shalit को छोड़ने के बदले इजरायल ने हमास और अन्य संगठनों के 1027 फिलीस्तीनी कैदियों को छोड़ा था.
यह फोटो Gilad के वापस लौटने के दौरान सेंट्रल इजरायल के Tel Nof एयरबेस पर ली गई थी. फोटो में Gilad जिस आदमी को सैल्यूट कर रहे हैं, वह कोई और नहीं, बल्कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हैं.
इस घटना की कुछ और तस्वीरें हमें पर भी मिलीं.
Gilad Shalit 28 अगस्त, 1986 को इजरायल में Noam और Aviva Shalit के यहां पैदा हुए.
हालांकि, यह सही है कि इजरायल के प्रधानमंत्री के छोटे बेटे ने 2014 में सेना ज्वाइन की थी.
Jerusalem Post की ही एक कहती है कि "इजराइल के सिक्योरिटी सर्विस लॉ 1949 के मुताबिक, 18 साल की उम्र के सभी इजरायली नागरिकों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य है. सिर्फ दो समूह ऐसे हैं जिन पर अनिवार्य सैनिक सेवा की शर्त लागू नहीं होती, वे हैं: अति-रूढ़िवादी और अरब इजरायली नागरिक."
इसलिए यह तो सच है कि इजरायली प्रधानमंत्री के बेटे ने सेना में सेवा दी, लेकिन वायरल तस्वीर में दिख रहा सैनिक किसी इजरायली प्रधानमंत्री का बेटा नहीं है.
अर्जुन डियोडिया