सोशल मीडिया पर एक भावुक कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि कश्मीर में जारी प्रतिबंधों के चलते एक 90 साल का बूढ़ा पिता दो दिन से अपने बेटे का शव दफना नहीं पा रहा है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बूढ़ा आदमी एक शव पर से धूल झाड़ रहा है और किसी से बात कर रहा है. वीडियो के बैकग्राउंड में उदासी भरा संगीत चल रहा है.
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. वायरल हो रहा वीडियो उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत का है.
AFWA की पड़ताल
फेसबुक यूजर ने यह वीडियो 3 सितंबर, 2019 को शेयर किया है. वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'कश्मीर के अंदर 90 वर्ष के बूढ़े पिता अपने बेटे के शरीर को 2 दिन से दफन नहीं कर पा रहे हैं ये कहां का इंसाफ है साहेब #कश्मीर और #कश्मीरियो के साथ'.
स्टोरी लिखे जाने तक यह वीडियो 8,200 बार शेयर हुआ है और एक लाख लोग इसे देख चुके हैं. यही पोस्ट ट्विटर पर भी वायरल है.
इस फेसबुक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने ध्यान दिलाया कि यह पोस्ट भ्रामक है और वीडियो सीरिया का है. AFWA ने गूगल पर रिवर्स सर्च किया तो पाया कि वायरल हो रहा वीडियो यूट्यूब पर मौजूद है जो कि 27 अगस्त, 2019 को अपलोड किया गया है.
इस वीडियो के विवरण में लिखा गया है, 'उत्तर-पश्चिमी सीरिया में इदलिब के Kafranbel शहर का एक 90 साल का पिता रशियन एयरस्ट्राइक के बाद अपने दूसरे बेटे को अंतिम विदाई देते हुए.'
संबंधित की-वर्ड की मदद से हमने पाया कि वायरल वीडियो से मिलते-जुलते कुछ फोटो भी ट्विटर पर एक ट्वीट में मौजूद हैं. इस ट्वीट के मुताबिक, इस बूढ़े आदमी का नाम Konbor Albayosh है और उसका बेटा सीरिया के Kafranbel शहर में हुई बमबारी में मारा गया.
इन तस्वीरों को रिवर्स सर्च करने पर हमें अरबी भाषा में कुछ मिलीं जो इन तस्वीरों से जुड़ी हैं. इन रिपोर्ट्स में भी यही सूचना है कि सीरिया में हुई बमबारी में एक बूढ़े आदमी ने अपना तीसरा बेटा खो दिया.
सीरिया सिविल डिफेंस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से भी ट्वीट करके इस घटना की सूचना दी गई थी. इस ट्वीट के मुताबिक, बमबारी की यह घटना 27 अगस्त, 2019 को घटी थी.
इन तथ्यों से स्पष्ट पता चलता है कि वायरल हो रहा वीडियो सीरिया का है जिसे कश्मीर के नाम पर वायरल कराया गया है.
अर्जुन डियोडिया