फैक्ट चेक: केरल में हिंदुओं को गणेशोत्सव नहीं मनाने देने का दावा है गलत

गणेश उत्सव के चलते सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसके जरिए दावा किया गया है कि केरल में हिंदुओं को गणेशोत्सव मनाने से रोका गया.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे केरल में हिंदुओं को गणेशोत्सव मनाने से रोका जा रहा है.
सच्चाई
वीडियो केरल का नहीं बल्कि हैदराबाद का है. 10 सितंबर को हैदराबाद के रक्षापुरम कॉलोनी में जमीन विवाद के चलते पुलिस ने भगवान गणेश की मूर्ति को वहां से हटवा दी थी जिसे लेकर काफी गहमागहमी हुई थी.

अर्जुन डियोडिया

  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST

गणेश उत्सव के चलते सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसके जरिए दावा किया गया है कि केरल में हिंदुओं को गणेशोत्सव मनाने से रोका गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसकर्मी एक खाली जमीन पर बैठे लोगों को जबरन उठा रहे हैं. जहां लोग बैठे हुए हैं वहां भगवान गणेश की एक मूर्ति और पूजा सामग्री रखी हुई है. वीडियो के आखिर में एक पुलिसकर्मी गणपति की मूर्ति उठाकर ले जाते हुए दिखता है जिसे भीड़ रोकने की कोशिश करती है.

Advertisement

इस वीडियो के साथ यूजर्स कैप्शन में लिख रहे हैं, "गणेशोत्सव में केरल में ये #हालात हो गए है हिन्दुओ के. हिन्दू अपना #त्यौहार भी नही मना सकता है अपने हिन्दुस्तान में". वीडियो इसी कैप्शन के साथ  और  पर जमकर पोस्ट किया जा रहा है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है. वीडियो केरल का नहीं बल्कि हैदराबाद का है. 10 सितंबर को हैदराबाद के एक इलाके में जमीन विवाद के चलते पुलिस ने भगवान गणेश की मूर्ति को वहां से हटवा दिया था जिसे लेकर काफी गहमागहमी हुई थी.

कैसे की पड़ताल?

वीडियो में लोग तेलुगू भाषा में बातचीत करते हुए सुनाई दे रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए हमने वीडियो को कुछ कीवर्ड की मदद से खोजने की कोशिश की. पता चला कि कई यूजर्स ने वीडियो को हाल ही में  और  पर पोस्ट किया था. यहां वीडियो को हैदराबाद का बताया गया था.

Advertisement

इस दौरान हमें एक फेसबुक पोस्ट भी मिली जिसमें वायरल वीडियो सहित घटना से जुड़े और भी कुछ वीडियो मौजूद थे. यह वीडियो 10 सितंबर को एक फेसबुक यूजर ने शेयर किए थे. पोस्ट में तेलुगू में लिखा था कि हैदराबाद के ओल्ड टाउन में पुलिस ने लोगों को भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने से रोक दिया.

पोस्ट में साझा किए गए वीडियो में से एक में किसी कोऑपरेटिव सोसाइटी का बोर्ड दिख रहा है जिस पर रक्षापुरम कॉलोनी लिखा है. खोजने पर पता चला कि यह कॉलोनी  के अंतर्गत आती है.

हमने संतोष नगर पुलिस स्टेशन में संपर्क किया. एडिशनल इंस्पेक्टर रवि कुमार ने हमें वीडियो के बारे में बताया कि यह मामला हैदराबाद के रक्षापुरम कॉलोनी का ही है. रवि के अनुसार, जहां पर गणपति की मूर्ति रखी गई थी वो सोसाइटी की जमीन है लेकिन विवादास्पद है. जब सोसाइटी के कुछ लोगों ने इस जमीन पर गणपति की मूर्ति रखनी चाही तो एक दूसरे गुट ने इस पर आपत्ति जताई क्योंकि जमीन कानूनी दायरे में है. इसको लेकर पुलिस में शिकायत की गई और पुलिस ने वहां से मूर्ति हटवा दी. रवि का कहना था कि मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है.

इस बारे में हमने हैदराबाद के एक लोकल पत्रकार शेख यूनुस से भी बात की जो 10 सितंबर को घटनास्थल पर मौजूद थे. उन्होंने मामले से जुड़ा एक वीडियो भी अपने  पर शेयर किया था. शेख ने भी पुष्टि की कि वायरल वीडियो हैदराबाद के रक्षापुरम कॉलोनी का ही है. शेख ने अनुसार इलाके के कुछ लोगों का कहना था कि जमीन किसी की निजी संपत्ति है, वहीं कुछ कह रहे थे कि यह सोसाइटी की जमीन है. इसी को लेकर वहां तू-तू मैं-मैं हुई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

Advertisement

यहां हमारी पड़ताल में स्पष्ट हो जाता है कि सोशल मीडिया पर इस वीडियो के साथ गलत जानकारी दी जा रही है. हैदराबाद के वीडियो को केरल का बताया रहा है और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की गई है.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement