देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े यूजीसी के नए नियमों को लेकर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा रहा है. देशभर में सवर्ण समाज से जुड़े लोग सड़कों पर हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
इसी संदर्भ में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ राजपूत समाज के प्रदर्शन का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक मंच पर भाषण देते हुए करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना नजर आ रहे हैं.
भाषण के दौरान वो कहते हैं, “इस देश में राष्ट्रपति भी वो होगा जो हम बनाएंगे. इस देश में प्रधानमंत्री भी वो होगा जो हम बनाएंगे और हर एक राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त करने का अधिकार भी हमको होगा, अगर रजवाड़े मांग लिए तो.” आगे वो कहते हैं, “राजपूत का दमन करके और क्षत्रिय के ऊपर अगर कोई आ जाए और क्षत्रिय जिंदा खड़ा रह जाए उससे छोटी बात राजपूत के लिए नहीं हो सकती.”
अब इस वीडियो को यूजीसी के खिलाफ प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है. ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो दिसंबर 2025 है और यूजीसी मामले से संबंधित नहीं है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये ‘Jay Mahakal Jay Mataji’ नाम के एक फेसबुक पेज पर मिला. यहां इसे 22 दिसंबर, 2025 को पोस्ट किया गया था. इतनी बात तो यहीं साफ हो जाती है कि ये वीडियो पुराना है और मौजूदा यूजीसी विवाद से संबंधित नहीं हो सकता है. यूजीसी के नए नियम 13 जनवरी, 2026 को जारी हुए थे. पोस्ट में वीडियो को मध्य प्रदेश के हरदा का बताया गया है. वीडियो पर भी तारीख 21 दिसंबर, 2025 और जगह हरदा लिखी हुई है.
ETV भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, करणी सेना ने अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर हरदा के नेहरू स्टेडियम में ‘जन क्रांति न्याय आंदोलन’ किया. इस दौरान वहां हजारों लोग मौजूद थे. पंजाब केसरी यूपी के लाइवस्ट्रीम में भी इसे देखा जा सकता है. करणी सेना के नेताओं के भाषण सुने जा सकते हैं. दावा किया गया इस दिन 50 हजार से ज्यादा लोग इसमें शामिल हुए.
महिपाल सिंह ने भी इस दिन के वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किए थे. यानि साफ है कि वायरल हो रहे वीडियो का यूजीसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि ये भी सच है करणी सेना यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है.
इसी तरह एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें लोगों का भारी हुजूम हाथों में मशाल लिए सड़कों पर मार्च करता हुआ दिखाई देता है. इस वीडियो को भी यूजीसी नियमों के खिलाफ लोगों के प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है. लेकिन ये भी पुराना वीडियो है.
ओडिशा मिरर नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट ने ये वीडियो 20 दिसंबर, 2025 को शेयर किया था. कैप्शन के मुताबिक ये वीडियो नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन का है. कांग्रेस नेताओं ने भी इस प्रदर्शन के वीडियो शेयर किए थे. कांग्रेस के अकाउंट से भी इस प्रदर्शन की तस्वीरें शेयर की गईं थीं.
फैक्ट चेक ब्यूरो