सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला सार्वजनिक सभा के दौरान एक पादरी को मंच से नीचे धकेलते हुए दिख रही है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पादरी ने कहा कि मोटी औरतें स्वर्ग नहीं जाएंगी, इसपर महिला को गुस्सा आ गया.
कई फेसबुक पेज जैसे “” और “ ” ने “Indiatimes.com” वेबसाइट का एक लेख शेयर किया है. इस लेख की हेडिंग है “ ”.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है. इसी साल जुलाई में ब्राजील के Cachoeira Paulista में यह घटना घटी थी. करीब 50,000 लोगों की सभा में एक महिला ने पादरी को मंच से नीचे धकेल दिया था. लेकिन पादरी ने यह नहीं कहा था कि “मोटी औरतें स्वर्ग नहीं जाएंगी”.
फेसबुक और ट्विटर पर वायरल
यह वायरल पोस्ट फेसबुक पर कई यूजर्स की ओर से धड़ल्ले से शेयर की जा रही है.
पर भी इस पोस्ट को कई यूजर्स ने शेयर किया है. असल में इस घटना का एक वीडियो जुलाई, 2019 से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
सात सेकेंड की इस वीडियो क्लिप में एक महिला अचानक मंच पर आ जाती है और पादरी को नीचे धकेल देती है. इसमें यह नहीं साफ हो रहा है कि इससे पहले पादरी ने कहा क्या था.
In Brazil a priest says "fat women cannot go to heaven!"
And then…
— Figen.. (@TheFigen) >AFWA की पड़ताल
इस घटना को लेकर में खबरें भी छपी थीं.
इन खबरों के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी ब्राजील के Cachoeira Paulista शहर में रविवार की सभा के दौरान यह घटना घटी. इस सभा में पादरी Marcelo Rossi जो कि एक मशहूर धर्मोपदेशक हैं, करीब 50,000 लोगों की भीड़ को संबोधित कर रहे थे. तभी अचानक एक महिला मंच पर आ गई और उन्हें नीचे धकेल दिया.
पादरी के उपदेश का एक लंबा वीडियो “Portal UAI” ने 14 जुलाई, 2019 को अपलोड किया है, जिसमें यह पूरा घटनाक्रम देखा जा सकता है.
अंतरराष्ट्रीय फैक्ट चेक वेबसाइट “ ” ने वहां के एक स्थानीय पत्रकार से बात करके यह जानकारी ली कि जिस समय पादरी को धकेला गया उसके ठीक पहले वे क्या बोल रहे थे.
पादरी ने जो कहा उसका अनुवाद होगा, “…यह हाथ अब मेरे हाथ नहीं हैं. पापी, कमजोर, लेकिन ये हाथ यीशु के हैं, इतना कि पादरी पहले से ही ईसा मसीह के आदमी के रूप में कार्य करता है. सेवा करने के लिए, आशीर्वाद देने के लिए…”
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि महिला ने पादरी को मंच से नीचे क्यों धकेला. कई मीडिया संस्थान जैसे पुर्तगाली वेबसाइट “ ” के मुताबिक, इस 32 वर्षीय महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, लेकिन पादरी Marcelo Rossi ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई से इनकार कर दिया और पुलिस ने उसे छोड़ दिया.
इन खबरों के मुताबिक, जब यह घटना घटी उन दिनों उस महिला का मानसिक बीमारी को लेकर इलाज चल रहा था. खबरों में यह भी कहा गया कि जब पुलिस ने पूछा कि उसने पादरी को मंच से क्यों धकेला तो उसने कहा कि यह “उनके और मेरे बीच” का मामला है.
इस तरह यह साफ है कि महिला ने पादरी को मंच से नीचे धकेला था, लेकिन यह दावा गलत है कि पादरी ने कहा था कि मोटी औरतें स्वर्ग नहीं जाएंगी.
चयन कुंडू